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चोटी काट ली है, जय श्रीराम... मुट्ठी में है; जब बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के बाद फोन पर बोला था मुख्तार अंसारी

चोटी काट ली है, जय श्रीराम... मुट्ठी में है; जब बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के बाद फोन पर बोला था मुख्तार अंसारी

संक्षेप:

बीजेपी विधायक कृष्णानंद चोटी रखते थे और शूटर राकेश पांडे ने जब उनकी हत्या की तो चोटी (शिखा) तक काट ली। इसके बाद यही चोटी बाद में मुख्तार अंसारी को लाकर दिखाई भी गई।

Mar 29, 2024 06:20 pm ISTMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Mukhtar Ansari Death: बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड से पूरा पूर्वांचल थर्रा उठा था। 29 नवंबर, 2005 को गाजीपुर में कृष्णानंद को एक क्रिकेट प्रतियोगिता में बतौर चीफ गेस्ट बुलाया गया था। इसी कार्यक्रम से वापस लौटने के दौरान राकेश पांडे और मुन्ना बजरंगी ने 500 से ज्यादा गोलियां बरसाई थीं। घटना में कृष्णानंद राय समेत सात लोगों की मौत हो गई। इस हत्याकांड का आरोप मुख्तार और उसके भाई अफजाल अंसारी पर लगा। हत्याकांड पर मुख्तार अंसारी की पल-पल नजर थी। जैसे ही उसे कृष्णानंद की मौत की जानकारी हुई, उसने माफिया अभय सिंह से फोन पर कहा भी कि चोटी काट ली है, जय श्रीराम... मुट्ठी में है। 

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कृष्णानंद राय ने मुख्तार और अफजाल अंसारी के गढ़ माने जाने वाले मुहम्मदाबाद में 2002 का विधानसभा चुनाव जीत लिया था। वह अफजाल अंसारी को हराकर बीजेपी विधायक बने, जिससे अंसारी बंधुओं और कृष्णानंद राय के बीच दुश्मनी और बढ़ गई। इसी बीच जब 2005 में कृष्णानंद की हत्या हुई तो मुख्तार ने अभय सिंह को फोन कॉल पर पूरी जानकारी दी। उसने बताया कि कृष्णानंद और मुन्ना बजरंगी के बीच गोलियां चल रही हैं और जय श्री राम... मुट्ठी में है। यह सुनते ही अभय सिंह भी मुख्तार के संकेत को समझ गया कि कृष्णानंद राय की हत्या कर दी गई है। बीजेपी विधायक कृष्णानंद चोटी रखते थे और शूटर राकेश पांडे ने जब उनकी हत्या की तो चोटी (शिखा) तक काट ली। इसके बाद यही चोटी बाद में मुख्तार अंसारी को लाकर दिखाई भी गई। यह पूरी फोन कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी वायरल हुई। 

तत्कालीन आईजी एसटीएफ अमिताभ यश के अनुसार, मुख्तार अंसारी ने गाजीपुर जेल में बंद रहते हुए माफिया अभय सिंह को कॉल किया था। तब अभय सिंह फैजाबाद जेल में बंद थे।  कृष्णानंद राय समेत सात लोगों की मौत के बाद पूरे राज्य में भूचाल आ गया था। बीजेपी के दिग्गज नेता और वर्तमान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह धरने पर बैठ गए थे। इसके अलावा, पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी समेत तमाम बीजेपी दिग्गजों ने इस हत्याकांड की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की। शुरू में तो आनाकानी होती रही और किसी तरह मामले को सीबीसीआईडी को सौंप दिया गया। बाद में जब कृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय की इलाहाबाद हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग की। मई 2006 में मामले को सीबीआई को सौंपने का ऑर्डर दिया गया। हालांकि, जब 2019 में सीबीआई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया तो मुख्तार अंसारी समेत अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया।  

मुख्तार अंसारी की मौत की न्यायिक जांच के आदेश
माफिया नेता मुख्तार अंसारी की मौत के मामले की न्यायिक जांच के लिए शुक्रवार को एक अपर मुख्‍य न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट को नामित किया गया। मुख्तार अंसारी को बृहस्पतिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद बांदा जिला जेल से रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था, जहां दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई थी। बांदा के मुख्‍य न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट (सीजेएम) भगवान दास गुप्ता की ओर से जारी आदेश के मुताबिक मामले की जांच के लिए गरिमा सिंह अपर मुख्‍य न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट (सांसद-विधायक अदालत बांदा) श्रीमती गरिमा सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। पत्र के मुताबिक वरिष्ठ अधीक्षक जिला कारागार बांदा द्वारा 28 मार्च को मुख्तार अंसारी की मौत के मामले की न्यायिक जांच के लिए अधिकारी नामित करने की याचना की गयी थी। सीजेएम ने नियुक्त जांच अधिकारी से एक माह के अंदर जांच रिपोर्ट मांगी है। 

Madan Tiwari

लेखक के बारे में

Madan Tiwari

लखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी को मीडिया में एक दशक से भी ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।


यूपी-बिहार की पॉलिटिक्स से लेकर राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक खबरों को कवर करने का लंबा अनुभव है। पॉलिटिकल न्यूज में ज्यादा रुचि है और पिछले एक दशक में देशभर में हुए विभिन्न विधानसभा चुनावों के साथ-साथ लोकसभा चुनावों को भी कवर किया है। लाइव हिन्दुस्तान के लिए मदन देश-विदेश में रोजाना घटित होने वाली खबरों के साथ-साथ पॉलिटिकल खबरों का एनालिसिस, विभिन्न अहम विषयों पर एक्सप्लेनर, ब्रेकिंग न्यूज, वायरल न्यूज आदि कवर करते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से लेकर मिडिल ईस्ट में असली वॉर तक की इंटरनेशनल खबरों पर लिखते-पढ़ते रहते हैं। पिछले एक दशक में पत्रकारिता क्षेत्र में कई पुरस्कार मिल चुके हैं। मदन ने लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर, मंथली अवॉर्ड्स, पॉपुलर च्वॉइस, एचटी स्टार अवॉर्ड्स समेत कई पुरस्कार जीते हैं।

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