मिथिला शोध संस्थान के विकास के खुलेंगे द्वार
दरभंगा में मिथिला संस्कृत शोध संस्थान एवं ऑक्सफोर्ड संस्कृत टेक्स्ट सोसाइटी के बीच एमओयू पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विधायक राजेश कुमार ने सहयोग को बिहार के लिए ऐतिहासिक बताया। इस सहयोग से संस्कृत पांडुलिपियों का संरक्षण और अंतरराष्ट्रीय शोध में मदद मिलेगी, जिससे बिहार की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान मिलेगी।

दरभंगा। मिथिला संस्कृत शोध संस्थान एवं ऑक्सफोर्ड संस्कृत टेक्स्ट सोसायटी के बीच प्रस्तावित संस्थागत सहयोग (एमओयू) को लेकर सीएम मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा की गई पहल का स्वागत करते हुए विधायक राजेश कुमार उर्फ ईश्वर मंडल ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उन्होंने जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय झा से भी मुलाकात कर इस महत्वपूर्ण पहल के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। विधायक श्री मंडल ने इस प्रस्तावित सहयोग को बिहार के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया है। उन्होंने इस संबंध में राज्यसभा सांसद संजय झा द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण प्रस्ताव एवं अनुरोध की सराहना की है।उन्होंने
कहा कि इस संस्थागत सहयोग के माध्यम से मिथिला संस्कृत शोध संस्थान में संरक्षित हजारों दुर्लभ संस्कृत पांडुलिपियों का वैज्ञानिक सूचीकरण, डिजिटलीकरण, संरक्षण तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके शोध एवं प्रकाशन का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक एवं बौद्धिक विरासत को वैश्विक पहचान मिलेगी तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और संवर्धन को नई दिशा प्राप्त होगी।


