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मोटर यान (संशोधन) विधेयक-2019 लोकसभा में पास, जानें क्या होंगे बदलाव

nitin gadkari in loksabha

'मोटर यान (संशोधन) विधेयक-2019 आज लोकसभा में पास हो गया। इस मौके पर सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि सरकार का मोटर यान संशोधन विधेयक के माध्यम से राज्यों के अधिकार में कोई दखल देने का कोई इरादा नहीं है, इसके प्रावधानों को लागू करना राज्यों की मर्जी पर निर्भर है और केंद्र की कोशिश राज्यों से सहयोग करने, परिवहन व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव लाने और दुर्घटनाओं को कम करने की है । 

लोकसभा में 'मोटर यान (संशोधन) विधेयक-2019 पर चर्चा का जवाब देते हुए गडकरी ने राज्यों के अधिकारों में दखल देने को लेकर कई विपक्षी सदस्यों की चिंताएं दूर करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, '' राज्यों के अधिकार में कोई दखल नहीं दिया जाएगा। जो राज्य इसके प्रावधानों को लागू करना चाहते हैं वो करें, जो नहीं चाहते हैं वो नहीं करें। हमारा रूख सहयोग करने का रहेगा ।  


गडकरी ने कहा कि वाहनों की खरीद की स्थिति में उसके पंजीकरण का काम डीलर को देने से राज्यों को राजस्व का कोई नुकसान नहीं होगा क्योंकि कर का पैसा सीधा राज्य सरकारों के खाते में जाएगा। इस संबंध में कर की दर का निर्धारण भी राज्य अपने हिसाब से कर सकते हैं। सड़क परिवहन मंत्री ने कहा कि इस विधेयक को 18 राज्यों के परिवहन मंत्रियों वाली समिति, प्रवर समिति और विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया है। 

गडकरी ने कहा कि नयी प्रौद्योगिकी और नवोन्मेष के साथ निजी निवेश की मदद से परिवहन क्षेत्र में व्यापक सुधार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार इलेक्ट्रिक बसों को संचालित करने की कोशिश कर रही है जो आम लोगों के लिए किफायती होने के साथ बहुत सुविधाजनक रहेगी। मंत्री के जवाब के बाद सदन ने विपक्ष के संशोधनों को खारिज करते हुए विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी । 


केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि परिवहन क्षेत्र में बहुत पैसे की जरूरत है। केंद्र और राज्यों के पास पैसे नहीं हैं। ऐसे में कम ब्याज पर निजी क्षेत्र से निवेश लाना होगा। उन्होंने कहा कि देश में जब मारुति की शुरूआत हुई तब उसके जरिए नयी प्रौद्योगिकी आई । आज देश का ऑटोमोबाइल क्षेत्र साढ़े चार लाख करोड़ रुपये का है तथा हम 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात भी कर रहे हैं।

गडकरी ने कहा कि देश में सड़कों पर 14 हजार से अधिक 'ब्लैक स्पॉट का पता चला है और इसके लिये 14 हजार करोड़ रूपये भी खर्च किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि इसके मद्देनजर आगे से स्वतंत्र अभियंता की व्यवस्था को खत्म किया जाएगा और इसके स्थान पर विशेषज्ञों की मौजूदगी वाली कंपनी को निरीक्षण का काम दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि तमाम प्रयासों के बावजूद वह सड़क हादसों में उम्मीद के मुताबिक कमी नहीं ला पाए। इस संबंध में तमिलनाडु ने बहुत अच्छा काम किया है और इसका हम भी अनुकरण करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि जो लोग सपने दिखाकर उनको पूरा नहीं करते, उन्हें जनता बदल देती है, लेकिन जो पूरा करते हैं उनको जनता दोबारा चुनती है।


इस विधेयक में सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में काफी सख्त प्रावधान रखे गये हैं। किशोर नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना, बिना लाइसेंस, खतरनाक ढंग से वाहन चलाना, शराब पीकर गाड़ी चलाना, निर्धारित सीमा से तेज गाड़ी चलाना और निर्धारित मानकों से अधिक लोगों को बिठाकर अथवा अधिक माल लादकर गाड़ी चलाने जैसे नियमों के उल्लंघन पर कड़े जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसमें आपातकालीन वाहनों को रास्ता नहीं देने पर भी जुर्माने का प्रस्ताव किया गया है । 

विधेयक में किये गये प्रावधान 18 राज्यों के परिवहन मंत्रियों की सिफारिशों पर आधारित हैं। इन सिफारिशों की संसद की स्थायी समिति ने भी जांच परख की है। विधेयक में तेज गाड़ी भगाने पर भी जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। बिना बीमा पॉलिसी के वाहन चलाने पर भी जुर्माना रखा गया है। बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर जुर्माना एवं तीन माह के लिये लाइसेंस निलंबित किया जाना शामिल है। 

किशोर द्वारा गाड़ी चलाते हुये सड़क पर कोई अपराध करने की स्थिति में गाड़ी के मालिक अथवा अभिभावक को दोषी माना जायेगा और वाहन का पंजीकरण भी निरस्त किया जायेगा। इस तरह के अपराध में वाहन मालिक अथवा अभिभावक को दोषी माना जायेगा। इस विधेयक में केंद्र सरकार के लिये मोटर वाहन दुर्घटना कोष के गठन की बात कही गई है जो भारत में सड़क का उपयोग करने वालों को अनिवार्य बीमा कवर प्रदान करेगा। इस विधेयक में यातायात नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है।

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  • Web Title:Motor Vehicles Amendment Bill-2019 passed in loksabha read what will be changed