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#Metoo के बाद #MosqueMeToo कैंपेन, मुस्लिम महिलाओं ने सुनाई आपबीती

#MosqueMeToo

साल 2017 में सोशल मीडिया पर एक कैंपने चला था। #Metoo हैशटैग के जरिए दुनियाभर की महिलाओं ने अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न के बारे में खुलकर बात की थी। ना सिर्फ आम महिलाओं ने बल्कि सेलिब्रिटी ने भी #Metoo के जरिए अपने साथ हुए यौन हिंसा के बारे में बताया था। अब ऐसा ही कैंपेन फिर से सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। इस बार ये कैंपेन #MosqueMeToo हैशटैग के साथ चल रहा है। #MosqueMeToo के जरिए मुस्लिम महिलाएं किसी भी धार्मिक स्थल पर हुए यौन उत्पीड़न को लेकर बात कर रही है।

कैसे शुरू हुआ कैंपेन:

ये हैशटैग तब शुरू हुआ जब लेखिका और पत्रकार मोना एल्ताहवी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट कर उनके साथ हज के दौरान हुए यौन उत्पीड़न की घटना को शेयर किया। 6 फरवरी को ट्वीट कर मोना ने बताया कि कैसे 15 साल की उम्र में वो यौन हिंसा का शिकार हुई थीं। इसके बाद लेखिका ने एक के बाद कई ट्वीट किए। मोना के इस ट्वीट के बाद कई महिलाएं इस पर खुलकर सामने आईं और उन्होंने बताया कि कैसे किसी भी धार्मिक स्थल पर उनके साथ छेड़छाड़ की घटना या यौन उत्पीड़न हुआ। मोना ने #MosqueMeToo के साथ कई ट्वीट किए। उन्होंने बताया मेरी कहानी पढ़ने के बाद एक मुस्लिम महिला ने अपनी मां के साथ हज के दौरान हुई यौन उत्पीड़न की घटना को लिखकर मुझे मेल किया।

मोना एल्ताहवी के ट्वीट के ट्वीट के बाद खुलकर सामने आईं महिलाएं, ऐसे सुनाई आप बीती:

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  • Web Title:MosqueMeToo campaign Muslim Women Sharing story of saxual Harassment At Holy Places