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देश भर के 400 से अधिक साहित्‍यकारों ने दिया नरेन्‍द्र मोदी को अपना समर्थन

'भारतीय साहित्‍यकार संगठन' की पहल पर विभिन्न भारतीय भाषाओं के 400 से अधिक साहित्‍यकारों ने नरेन्‍द्र मोदी को फिर एक बार प्रधानमंत्री बनाने के लिए अपना समर्थन दिया है।

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'भारतीय साहित्‍यकार संगठन' की पहल पर विभिन्न भारतीय भाषाओं के 400 से अधिक साहित्‍यकारों ने नरेन्‍द्र मोदी को फिर एक बार प्रधानमंत्री बनाने के लिए अपना समर्थन दिया है। शनिवार को नई दिल्‍ली स्‍थित 'कॉन्स्टिट्यूशन क्‍लब ऑफ इंडिया' में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर देश भर के विभिन्न भाषाओं के 400 से अधिक साहित्योंकारों के प्रतिनिधि के तौर 'भारतीय साहित्‍यकार संगठन' के अध्‍यक्ष दयाप्रकाश सिन्‍हा एवं महामंत्री प्रोफेसर कुमुद शर्मा ने इस बात की जानकारी दी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को साहित्‍यकार डॉ नरेन्‍द्र कोहली, सुप्रसिद्ध साहित्‍यकार डॉ सूर्यकांत बाली और डॉ अवनिजेश अवस्‍थी ने भी संबोधित किया।

देश भर के 400 साहित्यकारों ने किया मोदी का समर्थन
इस अवसर पर प्रो. कुमुद शर्मा ने संगठन द्वारा जारी अपील पत्र को पढ़ा। इस पत्र में देशवासियों से नरेंद्र मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री चुनने की अपील की गई थी। प्रो. शर्मा ने कहा, 'सशक्‍त लोकतंत्र के लिए हम उन्‍हें चुनें जो नैतिक और पारदर्शी सरकार दे सकें। उन्‍होंने कहा कि वर्तमान नेतृत्‍व ने त्‍याग और तपस्‍या की मिसाल कायम करते हुए देश की उन्‍नति का मार्ग प्रशस्‍त किया है। हमें मौजूदा सरकार से बहुत उम्‍मीदें हैं।' डॉ. नरेन्‍द्र कोहली ने कहा, 'लेखक स्‍वतंत्र होता है। लेकिन हमारे विरोधी इकट्ठे हो रहे हैं। वे कहते हैं कि यहां अभिव्‍यक्‍ति की स्‍वतंत्रता नहीं है। लेकिन सच यह है कि जितनी स्‍वतंत्रता यहां है, उतनी कहीं नहीं है।'

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नारी सुरक्षा, सत्य और भारत के पक्ष में मतदान की अपील
साहित्‍यकार डॉ. अवनिजेश अवस्‍थी ने कहा, 'लोकतंत्र में वोट देना महत्त्वपूर्ण होता है। हमारा कर्तव्‍य है कि लोकतंत्र के महापर्व में नागरिक जागृत हों। हम तथ्‍य और सत्‍य के साथ आगे बढ़ें और भारत के पक्ष में मतदान करें।' साहित्‍यकार डॉ. सूर्यकांत बाली ने स्‍त्री सम्‍मान का मुद्दा उठाते हुए पिछले तीन-चार दिनों में घटी तीन घटनाओं पर क्षोभ प्रकट करते हुए कहा, 'जब-जब स्‍त्री का अपमान हुआ है, तब-तब इसके प्रतिरोध के लिए समाज के अंदर नई चेतना आई है। आज हमें यह तय करना है कि क्‍या स्‍त्री का अपमान करनेवाले को समर्थन देंगे या फिर उन्‍हें जिनकी दृष्‍टि है ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’।'

साहित्यकारों ने जारी की नरेंद्र मोदी के समर्थन में वेबसाइट
भारतीय साहित्‍यकार संगठन के अध्‍यक्ष  दयाप्रकाश सिन्‍हा ने कहा कि प्राचीन काल से साहित्‍यकारों ने इस देश की राष्‍ट्रीयता को पुष्‍ट किया है। कार्यक्रम के अंत में एक वेबसाइट www.writers4india का लोकार्पण किया गया, जिस पर  नरेन्‍द्र मोदी के समर्थन में अपील एवं इसका समर्थन करनेवाले भारतीय भाषाओं के 400 से अधिक साहित्‍यकारों के नामों का उल्‍लेख किया गया है।

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  • Web Title:More than 400 Hundreds Litterateur of Different Indian Languages associated with Bhartiya Sahityakar Sangthan extended their support to Narendra Modi for Become Prime Minister Again