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6 जनवरी, 2021|9:16|IST

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अब बुराड़ी से किसान भरेंगे हुंकार, आगे की रणनीति को लेकर बैठक आज, 10 बातें

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अंतरराज्यीय सीमाओं से बैरिकेडिंग हटाए जाने के बाद पंजाब से किसानों के कई जत्थे दिल्ली में आ गए हैं। हालांकि इससे पहले दिन में राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने की जद्दोजहद में बड़ी संख्या में किसानों को कदम-कदम पर पुलिस के अवरोधकों, पानी की बौछारों और आंसू गैस के गोलों का सामना करना पड़ा था। अंतत: बड़ी संख्या में किसान दिल्ली के बुराड़ी मैदान में पहुंच गए हैं। वहीं पंजाब के किसान नेता शनिवार को बैठक कर आगे के कदमों के बारे में चर्चा करेंगे। हालांकि ये किसान नेता केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन के लिए बुराड़ी जाने के पक्ष में हैं। वहीं पंजाब के किसानों को उत्तर प्रदेश के किसानों का भी साथ मिल गया है। लखनऊ में भारतीय किसान यूनियन ने अहिमामऊ-सुल्‍तानपुर रोड पर चक्‍का जाम की तैयारी की थी, लेकिन प्रशासनिक मुस्‍तैदी से यह संभव नहीं हो सका। किसानों ने शनिवार और रविवार को भी आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।

किसान आंदोलन से जुड़ी 10 बातें

1- भारतीय किसान यूनियन (डकौंदा) के अध्यक्ष बूटा सिंह बर्जगिल ने कहा है कि कई किसान नेता अब भी दिल्ली के रास्ते में हैं। हम शनिवार को बैठक करेंगे और आगे के कदमों के बारे में फैसला लेंगे। वहीं क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने बताया कि वे बुराड़ी जाने के पक्ष में हैं क्योंकि उन्होंने 'दिल्ली चलो' का आह्वान किया था। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रदर्शन का लक्ष्य दिल्ली पहुंचना और केंद्र सरकार पर इन तीन कृषि कानूनों को लेकर दबाव बनाना है। पाल ने कहा कि बुराड़ी के मैदान में पंजाब, हरियाणा और अन्य स्थानों से आए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी भर सकते हैं। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों को मैदान में प्रदर्शन की अनुमति दे दी।


2- सुबह 12 बजे से ही सोशल मीडिया पर कांग्रेस व भाजपा नेताओं के बीच किसान आंदोलन को लेकर एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने शुरू कर दिए थे। ट्विटर पर प्रियंका वाड्रा गांधी ने किसानों पर हुए एक्शन का विरोध किया तो भाजपा केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने राहुल गांधी को ट्वीट पर राजनीति की बजाए अपने संसदीय क्षेत्र पर ध्यान देने की सलाह दी। हरियाणा व पंजाब के मुख्यमत्रियों के भी बयान दिए। 

3-दोपहर में यूपी व किसान नेता राकेश टिकैत ने किसान अंदोलन पर जल्द अपना निर्णय लेने की बात कही। इसी बीच सिंघू बॉर्डर पर किसानों व पुलिस में जमकर भिड़ंत हो गई। कई घंटे उत्पात के बाद पुलिस आला अधिकारियों ने किसान नेताओं से बात की और दोनों पक्षों की बुराड़ी में शांतिपूर्ण तरीके से एकत्रित होने की बात पर एक राय बनी। 


4- करीब चार बजे किसानों ने बुराड़ी जाने से इन्कार कर दिया। जानकारी के मुताबिक किसानों को बुराड़ी से किसी अन्य जगह न जाने, हमेशा पुलिस की निगरानी में रहने पर नाराजगी थी। इसी बीच यूपी पुलिस ने भी किसानों को दिल्ली के रास्ते बुराड़ी जाने की अनुमति दी। बताया जा रहा है धौलपुर व आगरा, मुजफ्फगर से बड़ी संख्या में किसान दिल्ली पहुंच रहें हैं। कुछ किसान मेरठ में ही रुकें हुए हैं। 


5- दिनभर सिंघू बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर, झडौदा कलां समेत दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर किसानों व पुलिस, प्रशासन में खींचातान चलती रही। आंसू गैस के गोले व वॉटर कैनन तक का प्रयोग भीड़ को तितर-बितर करने के लिए किया गया। लेकिन किसान बॉर्डरों पर डटे रहें। दोपहर करीब 2:30 बजे दिल्ली पुलिस ने किसनों को बुराड़ी जाने की अनुमति दी। 

6- दिनभर दिल्ली के बॉडरों व जगह-जगह जाम लगा। वहीं, अमृतसर से सहरसा के बीच की दो ट्रेन 29 व 30 नवंबर को रद्द कर दी गई। आधा दर्जन से अधिक ट्रेनों को अपने गंतव्य से पहले पंजाब के अलग-अलग स्टेशनों पर समाप्त किया 

7- आंदोलित किसान दिल्ली में विरोध दर्ज कराने को लेकर इन दिनों सड़कों पर हैं। ऐसे में किसान आंदोलन का असर दिल्ली की फल -सब्जी मंडी की आवक पर भी दिखने लगा है। आलम यह है आंदोलन के चलते एशिया की सबसे बड़ी मंडी में शुमार आजदपुर मंडी में फल-सब्जियों की आवक 60 फीसदी तक कमी दर्ज की गई है।

8-किसानों के दिल्ली कूच से शुक्रवार को दूसरे दिन राजधानी की रफ्तार थम गई। यहां प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह जांच के चलते वाहनों की कतारें लगी रहीं। वाहन रुक-रुककर चलते दिखाई पड़े। बॉर्डरों पर खासकर हरियाणा से सटी सीमाओं के आसपास क्षेत्र में दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। मार्ग परिवर्तित होने से लोगों को लंबी दूरी तय कर अपने गंतव्य तक पहुंचाना पड़ा। वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई।

9-दिल्ली सरकार ने पुलिस की ओर से किसानों के लिए अस्थायी जेल बनाने के लिए स्टेडियम देने की मांग को खारिज कर दिया है। पुलिस की मांग पर दिल्ली सरकार के गृह विभाग की ओर से भेजे गए जवाब में कहा गया है कि किसानों का आंदोलन अहिंसक है। अहिंसक आंदोलन किसी का भी संवैधानिक अधिकार है। गृहमंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली सरकार किसानों को गिरफ्तार करके जेल में डालने के खिलाफ है।

10- निरंकारी ग्राउंड पर किसानों के लिए दिल्ली जल बोर्ड पीने के पानी की व्यवस्था करेगी। बुराड़ी स्थित प्रदर्शनस्थल पर पानी के टैंकर पहुंचाए जा रहे हैं। शुक्रवार शाम दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने इसका जायजा लिया। 

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  • Web Title:More farmers to join protest today govt remains firm on December 3 talks