ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर जोर, सभी प्रखंडों में रक्तदान शिविर के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में खून की उपलब्धता, टीकाकरण और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने का निर्देश दिया। रक्तदान शिविर लगाने और मलेरिया की जांच बढ़ाने के लिए भी दिशा-निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक शनिवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें खून की उपलब्धता, जन शिकायतों के निष्पादन, मुख्यमंत्री अस्पताल संचालन रिपोर्ट, आयुष्मान भारत, मलेरिया जांच-उपचार, प्रोजेक्ट उल्लास, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, कुपोषण प्रबंधन और डायलिसिस समेत विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर करने के निर्देश दिए। खून की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इस माह सभी प्रखंडों में सामाजिक, व्यावसायिक एवं औद्योगिक संस्थानों के सहयोग से रक्तदान शिविर लगाने को कहा। मलेरिया की लगातार जांच, समय पर उपचार और मरीजों के फॉलोअप पर भी जोर दिया。
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता
नियमित टीकाकरण में छूटे बच्चों व परिवारों की पहचान कर उन्हें टीकाकरण से जोड़ने का निर्देश दिया गया। बहरागोड़ा, घाटशिला, मुसाबनी, पोटका और टेल्को के एमटीसी में बेड ऑक्यूपेंसी बढ़ाने तथा पात्र बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने को कहा गया।
प्रोजेक्ट उल्लास
प्रोजेक्ट उल्लास के तहत मिर्गी मरीजों की पहचान, उपचार और नियमित फॉलोअप के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए। सदर अस्पताल और घाटशिला अनुमंडल अस्पताल की डायलिसिस सेवाएं निर्बाध रखने, मशीनों के रखरखाव व मरम्मत को समयबद्ध पूरा करने को कहा गया।
संस्थागत प्रसव
उपायुक्त राजीव रंजन ने जिले में शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के लिए समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य उपकेंद्रों में कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। डेंगू, टीबी, कुष्ठ, एनीमिया मुक्त भारत और फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की भी समीक्षा हुई। दूरस्थ क्षेत्रों में स्क्रीनिंग, जांच व उपचार मजबूत करने और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। लापरवाही पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। बैठक में डीडीसी नागेन्द्र पासवान, सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल समेत स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी व कर्मी मौजूद रहे।


