Monsoon session live: Congress will raise mobs lining-issue of farmers - मानसून सत्र: नरेश अग्रवाल ने बयान पर जताया खेद, बोले-श्रीराम में मेरी आस्था DA Image

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मानसून सत्र: नरेश अग्रवाल ने बयान पर जताया खेद, बोले-श्रीराम में मेरी आस्था

Naresh Agarwal

समाजवादी सांसद नरेश अग्रवाल के विवादित बयान के बाद मचे हंगामें के चलते राज्यसभा की कार्यवाही को दो बार स्थगित किया गया। हालांकि नरेश अग्रवाल के बयान को सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया है और सपा सांसद ने अपने बयान पर खेद प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि अगर उनके बयान से किसी को ठेस पहुंची है तो मैं अपना बयान वापस लेता हूं। उन्होंने कहा कि मेरी भी श्रीराम पर आस्था है। वहीं रामगोपाल यादव ने कहा है कि नरेश अग्रवाल अपने बयान के लिए माफी नहीं मांगेंगे।

इससे पहले संसद में आज विपक्षी दलों ने किसानों और मॉब लिन्चिंग की घटनाओं का मुद्दा उठाया। राज्यसभा में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने आरोप लगाया कि भीड़ द्वारा की जा रही घटनाओं को अंजाम देने वालों को संरक्षण दिया जा रहा है। लोकसभा में विपक्षी दलों ने कार्यवाही की शुरुआत होते ही किसानों की आत्महत्या का मुद्दा उठाया। राज्यसभा में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि किसानों की समस्या सर्वव्यापी है। सरकार इस पर मौन है। किसानों को कीमत मिलने के बजाय गोलियां दी जा रही हैं।

किसान मुद्दे पर हंगामे के कारण लोकसभा में नहीं हुआ प्रश्नकाल
 
लोकसभा में किसानों के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे को लेकर सदन में आज प्रश्नकाल नहीं हो पाया और सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सबसे पहले भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल की रूस यात्रा की जानकारी दी और कहा कि उनके नेतृत्व में हुई इस यात्रा से दोनों महान देशों की मैत्री और मज़बूत हुई है।

इसके बाद जैसे ही अध्यक्ष ने प्रश्नकाल आरंभ करने की घोषणा की वैसे ही विपक्षी सदस्य प्रश्नकाल रद्द करके किसानों के मुद्दे पर तुरंत चर्चा कराने की मांग करने लगे। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, वामदल, राष्ट्रीय जनता दल आदि के सदस्य आसन के सामने आकर नारेबाजी करने लगे। इसपर संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कांग्रेस के नेता मल्लिकाजुर्न खड़गे से आग्रह किया कि कृषि संकट के बारे में सदन की कार्यसूची में नियम 193 के तहत चर्चा सूचीबद्ध है जिसमें विपक्ष किसानों के संकट, उनकी चुनौतियों पर चर्चा करे। सरकार भी बताने को तैयार है कि उसने क्या किया है। इसलिये वे सदन में व्यवधान ना डालें और कार्यवाही चलने दें।

विपक्षी सदस्य 'किसानों को गोली मारना बंद करो','झूठे वादे बंद करो', 'एमएसपी का क्या हुआ' आदि नारे लगाना जारी रखा। महाजन ने भी कहा कि नियम 193 के तहत चर्चा होनी है तो फिर व्यवधान क्यों। इसका मतलब है कि सदस्य सदन चलाने के इच्छुक नहीं हैं। इसके बाद उन्होंने कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दी। मंगलवार को भी इसी मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही नहीं चली थी।

पूर्वोत्तर के सांसदों ने बाढ़ राहत को लेकर किया प्रदर्शन

असम तथा पूवोर्त्तर के अन्य राज्यों के सांसदों ने वहां आई बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग को लेकर संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया। सांसदों ने संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने प्रदर्शन और नारेबाजी की। असम के ढुब्री से ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के सांसद बदरुद्दीन अजमल ने कहा 'पूरा असम बाढ़ के पानी में डूबा हुआ है। लाखों घर बर्बाद हो गये हैं। 70 लोगों की मौत हो चुकी है।'

करीमगंज से एआईयूडीएफ के सांसद राधेश्याम विश्वास ने कहा कि असम में 1966 के बाद यह सबसे बड़ी बाढ़ है। सोलह जिले बाढ़ की चपेट में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को हर साल आने वाली बाढ़ का स्थायी समाधान ढूंढ़ना चाहिए। साथ ही इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित कर ज्यादा राशि राहत के लिए दी जानी चाहिए।

 

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सीपीएम के नेता सीताराम येचुरी ने आज राज्य सभा में गौ रक्षा के नाम पर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव की नोटिस दी है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने भाजपा की संसदीय बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि जीएसटी भारत में बहुत अच्छे ढंग से लॉन्च हुआ और अरुण जेटली जी ने सभी को इसकी विस्तार से जानकारी दी।

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