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Hindi News देशआफत बनी मॉनसून की बारिश, इस राज्य में ले ली 6 लोगों की जान; IMD का रेड अलर्ट

आफत बनी मॉनसून की बारिश, इस राज्य में ले ली 6 लोगों की जान; IMD का रेड अलर्ट

बारिश की वजह से उत्तरी सिक्किम के मंगन जिले में लगातार बारिश से बड़े पैमाने पर हुए भूस्खलन के कारण 15 विदेशी नागरिक सहित 1,200 से अधिक पर्यटक फंस गए हैं। भारी बारिश की वजह से 6 लोगों की जान चली गई है।

आफत बनी मॉनसून की बारिश, इस राज्य में ले ली 6 लोगों की जान; IMD का रेड अलर्ट
Himanshu Tiwariएचटी संवाददाता,कोलकाताSat, 15 Jun 2024 06:45 PM
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मॉनसून की बारिश अब पूर्वोत्तर भारत में आफत बनती जा रही है। बारिश की वजह से उत्तरी सिक्किम के मंगन जिले में लगातार बारिश से बड़े पैमाने पर हुए भूस्खलन के कारण 15 विदेशी नागरिक सहित 1,200 से अधिक पर्यटक फंस गए हैं। भूस्खलन और भारी बारिश के कारण पर्वतीय राज्य में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई, संपत्तियों को नुकसान पहुंचा तथा कई क्षेत्रों में सड़क संपर्क, बिजली और खाद्य आपूर्ति तथा मोबाइल नेटवर्क बाधित हो गए। राज्य में भारी बारिश की चेतावनी देते हुए मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है।

सिक्किम के पर्यटन एवं नागर विमानन विभाग के प्रधान सचिव सी एस राव ने एक बयान में कहा, ‘‘प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, भारी बारिश और भूस्खलन के कारण सड़क अवरुद्ध हो जाने से लगभग 1,200 घरेलू और 15 विदेशी पर्यटक (थाईलैंड के दो, नेपाल के तीन, बांग्लादेश के 10) मंगन जिले के लाचुंग में फंसे हुए हैं।’’

मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए मिंटोकगांग में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। भूस्खलन से पर्वतीय राज्य बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। स्थानीय अधिकारियों ने फंसे हुए पर्यटकों से अपने-अपने स्थानों पर ही रहने तथा जोखिम मोल लेने से बचने को कहा है। अधिकारी ने कहा कि सभी फंसे हुए पर्यटकों के लिए राशन का पर्याप्त भंडार है। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव कार्यालय ने मौसम की स्थिति के आधार पर सभी पर्यटकों को हवाई मार्ग से लाने के लिए केंद्र के साथ बातचीत शुरू कर दी है।

उन्होंने कहा, ‘‘यदि आवश्यक हुआ तो पर्यटकों को सड़क मार्ग से निकाला जाएगा और विभाग वहां फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए स्थानीय पर्यटन हितधारकों के साथ-साथ मंगन में जिला प्रशासन, पुलिस और पर्यटन अधिकारियों के साथ समन्वय कर काम कर रहा है।’’ उन्होंने पर्यटकों को इस प्राकृतिक आपदा में हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। राव ने कहा कि केवल लाचुंग ही राज्य के बाकी हिस्सों से कटा हुआ है और सिक्किम के अन्य सभी हिस्से खुले और यात्रा के लिए सुरक्षित हैं।

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि जिले में भारी बारिश होने से भूस्खलन के कारण सड़कें अवरुद्ध हो गईं और कई मकान जलमग्न हो गए या क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि बिजली के खंभे बह गए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की बैठक ‘‘सामान्य स्थिति बहाल करने तथा हमारे निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिक्रिया की रणनीति बनाने और समन्वय करने को लेकर महत्वपूर्ण थी।’’

अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण बृहस्पतिवार को मंगन जिले में कई जगहों पर भूस्खलन हुआ और संगकालांग में पिछले साल अक्टूबर में निर्मित एक पुल ढह गया, जिससे उत्तरी सिक्किम में बड़ी संख्या में पर्यटक फंस गए। बांस का एक पुल भी टूट गया। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, फिदांग में पुल निर्मित करने के लिए प्रयास जारी है ताकि वहां सड़क संपर्क बहाल किया जा सके।