इंफो::इस बार मानसून की चाल खराब, पर यह पहली बार नहीं

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नोट: एचटी का लोगो लगाएं, ग्राफ के लिए एचटी का फ्लैप देखें 1901 के

इंफो::इस बार मानसून की चाल खराब, पर यह पहली बार नहीं

नोट: एचटी का लोगो लगाएं, ग्राफ के लिए एचटी का फ्लैप देखें 1901 के बाद से ऐसे 10 साल रहे जब जून में कम बारिश हुई

अभिषेक झा

नई दिल्ली। मानसून सीजन के चार महीनों में से पहले महीने जून की समाप्ति में बस एक हफ्ता बचा है। अब तक, मानसून की बारिश निराशाजनक रही है, भले ही ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि मौसम प्रणाली का ठहराव आखिरकार खत्म हो सकता है। हालांकि ऐसा पहली बार नहीं है कि जून में कम बारिश हुई है। 1901 के बाद से 10 साल ऐसे रहे हैं जब जून में बारिश की कमी 30 फीसदी या उससे अधिक रही है।

सवा सौ सालों में 11वां सबसे सूखा जून

मौसम विभाग के अनुसार इस साल 1 जून से 23 जून के बीच भारत में कुल 76.4 मिमी बारिश हुई। यह 1901 के बाद से इस अवधि के लिए 11वीं सबसे कम बारिश है। यानि बीते 126 सालों में यह 11वां सबसे सूखा जून रहा है। जब इसकी तुलना 1971-2020 के औसत से की जाए तो यह 33% कम है। असल में, बारिश की कमी इससे अधिक हो सकती है। 23 जून तक बारिश की कुल कमी 42.3% थी।

कम बारिश वाले साल(1 जून से 23 जून तक)

वर्ष बारिश(एमएम में)

2009 54.1

2005 59.8

1905 59.8

1926 60.3

1958 61.1

1972 63.3

1923 65.5

1979 67.7

2019 71

1915 74.9

2026 76.4

1971-2020(औसत) 114.1

स्रोत: आईएमडी ग्रिडेड डाटा

मानसून में तेजी का खास असर नहीं

इस हफ्ते मॉनसून की रफ्तार तेज होने के बावजूद बारिश की कमी पर कोई खास असर नहीं पड़ा है।

मॉनसून, हवा के दबाव, तापमान और हवाओं के पैटर्न की वजह से बारिश लाता है। यह सिस्टम जून में दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व, दोनों तरफ से भारत के जमीनी हिस्से में आगे बढ़ता है। 12 जून को इसकी दोनों शाखाएं लगभग पूरी तरह से रुक गई थीं। इस हफ्ते मॉनसून की दक्षिण-पश्चिमी शाखा तेजी से आगे बढ़ने लगी है। लेकिन इससे देश में बारिश की कुल कमी पूरी नहीं हो पाई है।

बारिश की कमी की सारी वजह मॉनसून नहीं

बारिश में कमी की सारी वजह मानसून नहीं है। उदाहरण के लिए, 8 जून के बाद उन जगहों पर भी बारिश में भारी कमी देखी गई है जहां मॉनसून 8 जून तक पहुंच गया था।

अच्छी मॉनसून बारिश के बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर जून में कुल मिलाकर बारिश की कमी है।

इस बार कम बारिश असाधारण नहीं

1901 के बाद से बारिश की कमी वाले 10 सालों में हाल के तीन साल - 2019 (30.5%), 2014 (4.3%) और 2009 (43.5%) शामिल हैं। ये तीनों साल भी 2026 की तरह ही अल-नीनो से प्रभावित मॉनसून वाले साल थे। 23 जून तक बारिश में बहुत अधिक कमी का मतलब यह नहीं है कि मॉनसून की कुल बारिश आगे कैसी होगी। इसके अलावा, भारत में मॉनसून की बारिश ज्यादा या कम होना, बारिश के अलग-अलग इलाकों या समय के हिसाब से बंटवारे का सही अंदाजा नहीं देता है। इसका मतलब है कि बचाव के उपाय मानसून के अब तक के प्रदर्शन पर जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने के बजाय, सोच-समझकर और हर पहलू को ध्यान में रखकर किए जाने चाहिए।

इन सालों में जून में 30 फीसदी से कम बारिश हुई (प्रतिशत में)

1926 -45.7

2009 -43.5

2014 -41.3

1905 -41.2

1923 -41

1962 -35.1

1902 -34.2

1912 -31.2

1924 -30.7

2019 -30.5

स्रोत: आईएमडी ग्रिडेड डाटा

सामान्य प्रश्न

इस वर्ष भारत में बारिश की कुल मात्रा क्या थी?
इस साल 1 जून से 23 जून के बीच भारत में कुल 76.4 मिमी बारिश हुई।
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