मानसून की दस्तक के साथ प्रशासन अलर्ट, आपदा से बचाव के लिए गाइडलाइन जारी
सरायकेला में मानसून की दस्तक के साथ जिला प्रशासन ने भारी बारिश की चेतावनी पर सुरक्षा गाइडलाइन जारी की है। उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने नागरिकों की सतर्कता को सबसे बड़ा बचाव बताया है। सलाह में नदी किनारे न जाने, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग न करने, और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है।

सरायकेला,संवाददाता। राज्य में मानसून की दस्तक और मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश की चेतावनी के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और जानमाल के नुकसान को कम करने के लिए प्रशासन ने आम नागरिकों के लिए एक विस्तृत सुरक्षा गाइडलाइन (एडवाइजरी) जारी की है। उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि आपदा की स्थिति में केवल नागरिकों की सतर्कता ही उनका सबसे बड़ा बचाव है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों में वज्रपात (आकाशीय बिजली) के साथ मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। इसके मद्देनजर निचले इलाकों और नदी तटीय क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग को भी चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।जिला प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है कि भारी बारिश के कारण जिन सड़कों, पुल-पुलियों या अंडरपास पर पानी जमा हो, वहां वाहन ले जाने से बचें। उफनते नदी-नालों के पास जाने या सेल्फी लेने पर पूरी तरह रोक है। आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, खेतों, तालाबों और ऊंचे पेड़ों के नीचे कतई न रुकें। तुरंत किसी पक्के मकान या सुरक्षित शेड में शरण लें। इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग करने से बचें। मानसून के दौरान सोशल मीडिया पर बाढ़ या हादसों को लेकर कई भ्रामक अफवाहें फैलाई जाती हैं। किसी भी अपुष्ट खबर पर भरोसा न करें। केवल जिला प्रशासन या आपदा प्रबंधन विभाग की आधिकारिक सूचनाओं को ही सही मानें। घरों से बाहर निकलने से पहले स्थानीय समाचारों, रेडियो या मौसम विभाग की वेबसाइट के माध्यम से मौसम का ताजा अपडेट जरूर ले लें।


