मोहर्रम माह के सातवें दिन चौक इमामबाड़े में हुई भीड़
मोहर्रम माह के सातवें दिन हसनपुरा, उसरी खुर्द, मंद्रापाली में मजलिसों और मातम का दौर चल रहा है। विभिन्न स्थानों पर ताजिये बन रहे हैं। चकाचौंध रौशनी से शहर में भीड़ उमड़ रही है। इमाम हुसैन और उनके शहीदों की शहादत का गम मनाया जा रहा है।

हसनपुरा, एक संवाददाता। मुस्लिमों का पवित्र माह मोहर्रम का सिलसिला चल रहा है। जहां मोहर्रम माह का सातवां दिन बुधवार को प्रखंड व नगर पंचायत के इलाकों में इसकी तैयारी देखने को मिल रही है। जहां हसनपुरा, उसरी खुर्द, मंद्रापाली में गम-ए-हुसैन मनाने को मजलिसों और मातम का दौर चल रहा है।
ताजिये और अलम का जुलूस
वहीं प्रखंड क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर ताजिये बनना भी काम तेज हो गया है। चौक, इमामबाड़े आदि की साफ सफाई पूर्ण होने के बाद चकाचौंध रौशनी में लोगों की भींड उमड़ रही है। मजलिस, मातम, नौहा के साथ साथ विभिन्न चौक पर नजर का सिलसिला शुरू है।
इमाम हुसैन की शहादत का गम
बता दें कि रसूल के नवासे इमाम हुसैन और उनके 72 शैदाइयों की शहादत का गम मनाने का दौर चलता है। कर्बला की जंग मानव इतिहास की ऐसी पहली जंग है, जिसमें जीतने वाले यजीद का नाम लेने वाला न रहा, वहीं इस जंग में शहीद इमाम हुसैन को पूरी दुनिया साल-दर-साल अकीदत के साथ याद करती है। इस जंग ने संदेश दिया कि जुल्म के खिलाफ खड़े होने वाले मर कर भी अमर हो जाते हैं। इसी क्रम पहली से दस मोहर्रम तक प्रखंड व नगर पंचायत के विभिन्न इमाम बारगाहों में मजलिसों का सिलसिला रहता है। इस दौरान सभी इलाकों में ताजियों और अलम (निशान) के जुलूस निकाले जाते हैं।


