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सेवा करने वालों को देश कभी नहीं भूलता, आडवाणी को भारत रत्न इसका सबूत: पीएम मोदी

इस मौके पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आडवाणी ने दशकों तक समर्पित रूप से काम किया। आईआईएम संबलपुर में एक समारोह में पीएम ने कहा कि आडवाणी ने देश के लिए जो सेवा की है वह अद्वितीय है।

सेवा करने वालों को देश कभी नहीं भूलता, आडवाणी को भारत रत्न इसका सबूत: पीएम मोदी
Amit Kumarलाइव हिन्दुस्तान,भुवनेश्वरSat, 03 Feb 2024 03:52 PM
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पूर्व डिप्टी पीएम लाल कृष्ण आडवाणी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि आडवाणी को भारत रत्न पुरस्कार इस बात का सबूत है कि देश उन लोगों को कभी नहीं भूलता जो देश की सेवा में अपना जीवन बिता देते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को 68 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्धघाटन व शिलान्यास किया। संबलपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) में 400 करोड़ रुपये के स्थायी परिसर के उद्धघाटन के अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने ऊर्जा, सड़क व रेलवे जैसे अलग-अलग क्षेत्रों की कई बुनियादी परियोजनाओं का उद्धघाटन किया।

इस मौके पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आडवाणी ने दशकों तक समर्पित रूप से काम किया। आईआईएम संबलपुर में एक समारोह में पीएम ने कहा, "आडवाणी ने देश के लिए जो सेवा की है वह अद्वितीय है। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे उनका निरंतर प्यार और मार्गदर्शन मिला। मैं उनकी लंबी उम्र के लिए प्रार्थना कर रहा हूं।" इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा करते हुए बताया था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘हमारे समय के सबसे सम्मानित राजनेताओं में शामिल आडवाणी का भारत के विकास में महान योगदान है। उन्होंने अपने जीवन में जमीनी स्तर पर काम करने से शुरुआत कर हमारे उपप्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा की।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना ‘‘मेरे लिए एक बहुत ही भावुक क्षण’’ है।

मोदी ने सबसे लंबे समय तक भाजपा के अध्यक्ष रहे आडवाणी से बात कर उन्हें बधाई दी। आडवाणी को उस समय 90 के दशक में भाजपा के उदय का श्रेय दिया जाता है जब वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकारों की प्रमुख पार्टी के रूप में पहली बार सत्ता में आई थी। मोदी ने कहा कि आडवाणी के संसदीय हस्तक्षेप हमेशा अनुकरणीय और समृद्ध अंतर्दृष्टि वाले रहे हैं। सरकार ने पिछले महीने समाजवादी दिग्गज और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत कर्पूरी ठाकुर को सर्वोच्च सम्मान के लिए नामित किया था।

कई राजनीतिक विशेषज्ञ ठाकुर के 1988 में निधन के कई वर्षों बाद उन्हें यह सम्मान दिए जाने को आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों (ईबीसी) के बीच अपनी जड़ें मजबूत करने की भाजपा की कोशिश के रूप में देख रहे हैं, वहीं आडवाणी को यह पुरस्कार दिया जाना पार्टी की मूल विचारधारा को आकार देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति सम्मान के तौर पर देखा जा रहा है। आडवाणी को उसी वर्ष भारत रत्न दिया जाएगा, जब राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की गई है। आडवाणी ने राम मंदिर के मुद्दे को उठाने के लिए 1990 में ‘राम रथ यात्रा’ की थी।

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