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Modi New Cabinet: मोदी की नई टीम में बंगाल को तरजीह नहीं, बड़ा किला जीतने से थी ज्यादा की उम्मीद

लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2019) में बीजेपी को पश्चिम बंगाल (West Bengal) में मिली अप्रत्याशित सफलता के बावजूद केंद्रीय मंत्रिमंडल में मिशन बंगाल की छाया नजर नहीं आई। पश्चिम बंगाल कोटे से केवल दो राज्यमंत्री ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए गए हैं। बाबुल सुप्रियों को दोबारा राज्यमंत्री बनाया गया है। रायगंज से भाजपा सांसद देबश्री चौधरी को भी राज्यमंत्री के रुप में शपथ दिलाई गई। माना जा रहा है कि बहुत अनुभवी चेहरे नहीं होने की वजह से मोदी सरकार में बंगाल को अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया। कैबिनेट मंत्री के बजाए दो राज्यमंत्री बनाए गए।

बड़ा किला जीतने से थी ज्यादा उम्मीद

ममता से तीखे संघर्ष में जीतकर आए सांसदों में से कई यह आस लगाए बैठे थे कि उन्हें मोदी सरकार में काम करने को मौका जरूर मिलेगा। कम से कम एक कैबिनेट मंत्री की उम्मीद जरूर जताई जा रही थी। बाबुल सुप्रियो के प्रोन्न्ति की भी उम्मीद जाहिर की जा रही थी।

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आगे बनी रहेगी गुंजाइश

पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा ने 18 सीटे जीतीं हैं। 2014 में यहां सिर्फ दो सीटें मिली थीं। बंगाल में 2021 में विधानसभा चुनाव होने हैं। सूत्रों का कहना है कि अभी मंत्रिमंडल में विस्तार की गुंजाइश बची हुई है। अभी प्रधानमंत्री के साथ 58 मंत्रियों ने शपथ ली है जबकि कुल 80 मंत्री बनाए जा सकते हैं। संभव है राज्य में चुनाव के पहले मंत्रिमंडल का विस्तार करके पश्चिम बंगाल के प्रतिनिधित्व की कमी पूरी की जाए।

इन सांसदों को थी आस

पिछली बार आसनसोल से जीते बाबुल सुप्रियो मंत्री बने थे। उनके समर्थक आखिरी क्षण तक उनको कैबिनेट मंत्री बनने की आस लगाए हुए थे। इस बार बैरकपुर से जीते अर्जुन सिंह के भी मंत्री बनने की उम्मीद परवान नहीं चढ़ी। अर्जुन पहले तृणमूल कांग्रेस में विधायक थे। मेदिनीपुर से जीते भाजपा नेता दिलीप घोष के नाम की भी चर्चा जोरों पर थी। विष्णुपुर से जीते भाजपा के सांसद सौमित्र खान, हुगली से लॉकेट चटर्जी तथा बनगांव से जीते भाजपा सांसद शांतनु ठाकुर में से भी कुछ चेहरों के मंत्रिमंडल में आने की उम्मीद भी काम नहीं आई।

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चुनावी राज्यों को सांकेतिक प्रतिनिधित्व

मंत्रिमंडल में सबसे बड़े राज्य यूपी से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा आठ मंत्री बनाए गए हैं। जबकि महाराष्ट्र से सात, बिहार से छह और मध्यप्रदेश से चार मंत्री बनाए गए हैं। झारखंड से एक कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं। ओडिशा से एक कैबिनेट मंत्री व एक राज्यमंत्री बनाया गया है। हरियाणा से तीन मंत्री बनाए गए हैं। लेकिन कोई भी कैबिनेट मंत्री नहीं है। इस साल महाराष्ट्र हरियाणा और झारखंड में विधानसभा चुनाव होना है। इस लिहाज से महाराष्ट्र को यूपी के बाद सबसे ज्यादा सात मंत्री मिल गए। झारखंड में एक ही मंत्री बनाया गया। लेकिन यहां से मंत्री बनाए गए अर्जुन मुंडा को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया। 

गुजरात, कर्नाटक से तीन मंत्री

मोदी कैबिनेट में 29 राज्यों में से 22 को प्रतिनिधित्व मिला है। गुजरात से अमित शाह सहित कुल तीन मंत्री बनाए गए हैं। कर्नाटक से भी तीन मंत्री बने हैं। सभी 25 सीटें जितवाने वाले राजस्थान को भी एक कैबिनेट मंत्री सहित तीन मंत्री मिले हैं। पंजाब से तीन, केरल से एक और असम से एक मंत्री बनाए गए हैं।

इनके कोटे में एक - एक मंत्री

एआईएडीएमके को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली। इसलिए तमिलनाडु कोटे से केवल निर्मला सीतारमन ही मंत्री मानी जा सकती है। उत्तराखंड और दिल्ली से भी एक एक मंत्री बनाए गए हैं।

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