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4 जून, 2020|11:10|IST

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कोरोना: लॉकडाउन पर बोले PM मोदी, आज के फैसले ने आपके घर के दरवाजे पर एक लक्ष्मण रेखा खींच दी है

prime minister narendra modi at international judicial conference  ani twitter pic

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (24 मार्च) को कोरोना वायरस के मद्देनजर राष्ट्र के नाम संबोधन में देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा करते हुए कहा कि आज के फैसले ने आपके घर के दरवाजे पर एक लक्ष्मण रेखा खींच दी है। इसके साथ ही उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि वे तीन सप्ताह तक घर से ना निकले और अगर वे ऐसा करते हैं तो देश 21 साल पीछे चला जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि  सोशल डिस्टेंसिंग यानी एक-दूसरे से दूर रहना, घरों में बंद रहना ही कोरोना से बचने का एकमात्र तरीका है। उन्होंने कहा कि कोरोना से बचने का इसके अलावा कोई तरीका नहीं है, कोई रास्ता नहीं है। कोरोना को फैलने से रोकना है, तो इसके संक्रमण की सायकिल को तोड़ना ही होगा। उन्होंने कहा, "कुछ लोग इस गलतफहमी में हैं कि social distancing केवल बीमार लोगों के लिए आवश्यक है। ये सोचना सही नहीं। social distancing हर नागरिक के लिए है, हर परिवार के लिए है, परिवार के हर सदस्य के लिए है।"

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने ट्वीट में यह जानकारी दी थी कि वे मंगलवार 24 मार्च को रात आठ बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे। मोदी ने ट्वीट में कहा था, ‘‘वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण बातें देशवासियों के साथ साझा करूंगा।" उन्होंने कहा था, ‘‘आज, 24 मार्च रात 8 बजे देश को संबोधित करूंगा।’’

पीएम मोदी के संबोधन के मुख्य अंश:
22 मार्च को जनता कर्फ्यू का जो संकल्प हमने लिया था, एक राष्ट्र के नाते उसकी सिद्धि के लिए हर भारतवासी ने पूरी संवेदनशीलता के साथ, पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना योगदान दिया। बच्चे-बुजुर्ग, छोटे-बड़े, गरीब-मध्यम वर्ग-उच्च वर्ग, हर कोई परीक्षा की इस घड़ी में साथ आया। एक दिन के जनता कर्फ़्यू से भारत ने दिखा दिया कि जब देश पर संकट आता है, जब मानवता पर संकट आता है तो किस प्रकार से हम सभी भारतीय मिलकर, एकजुट होकर उसका मुकाबला करते हैं।

साथियों, आप कोरोना वैश्विक महामारी पर पूरी दुनिया की स्थिति को समाचारों के माध्यम से सुन भी रहे हैं और देख भी रहे हैं। आप ये भी देख रहे हैं कि दुनिया के समर्थ से समर्थ देशों को भी कैसे इस महामारी ने बिल्कुल बेबस कर दिया है।

Modi Coronavirus Speech: नरेंद्र मोदी बोले, सोशल डिस्टेंसिंग ही कोरोना से बचने का एकमात्र तरीका

इन सभी देशों के दो महीनों के अध्ययन से जो निष्कर्ष निकल रहा है, और एक्सपर्ट्स भी यही कह रहे हैं कि कोरोना से प्रभावी मुकाबले के लिए एकमात्र विकल्प है- Social Distancing... कोरोना से बचने का इसके अलावा कोई तरीका नहीं है, कोई रास्ता नहीं है। कोरोना को फैलने से रोकना है, तो इसके संक्रमण की सायकिल को तोड़ना ही होगा।

कुछ लोग इस गलतफहमी में हैं कि social distancing केवल बीमार लोगों के लिए आवश्यक है। ये सोचना सही नहीं। social distancing हर नागरिक के लिए है, हर परिवार के लिए है, परिवार के हर सदस्य के लिए है।

कुछ लोगों की लापरवाही, कुछ लोगों की गलत सोच,  आपको, आपके बच्चों को, आपके माता पिता को, आपके परिवार को, आपके दोस्तों को, पूरे देश को बहुत बड़ी मुश्किल में झोंक देगी। साथियों, पिछले 2 दिनों से देश के अनेक भागों में लॉकडाउन कर दिया गया है। राज्य सरकार के इन प्रयासों को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए।

आज रात 12 बजे से पूरे देश में, ध्यान से सुनिएगा, पूरे देश में, आज रात 12 बजे से पूरे देश में, संपूर्ण Lockdown होने जा रहा है। हिंदुस्तान को बचाने के लिए, हिंदुस्तान के हर नागरिक को बचाने के लिए आज रात 12 बजे से, घरों से बाहर निकलने पर, पूरी तरह पाबंदी लगाई जा रही है।

देश के हर राज्य को, हर केंद्र शासित प्रदेश को, हर जिले, हर गांव, हर कस्बे, हर गली-मोहल्ले को अब लॉकडाउन किया जा रहा है। निश्चित तौर पर इस लॉकडाउन की एक आर्थिक कीमत देश को उठानी पड़ेगी। लेकिन एक-एक भारतीय के जीवन को बचाना इस समय मेरी, भारत सरकार की, देश की हर राज्य सरकार की, हर स्थानीय निकाय की, सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

मेरी आपसे प्रार्थना है कि आप इस समय देश में जहां भी हैं, वहीं रहें। अभी के हालात को देखते हुए, देश में ये लॉकडाउन 21 दिन का होगा। घर में रहें, घर में रहें और एक ही काम करें कि अपने घर में रहें। साथियों, आज के फैसले ने, देशव्यापी लॉकडाउन ने आपके घर के दरवाजे पर एक लक्ष्मण रेखा खींच दी है।

आपको ये याद रखना है कि कई बार कोरोना से संक्रमित व्यक्ति शुरुआत में बिल्कुल स्वस्थ लगता है, वो संक्रमित है इसका पता ही नहीं चलता। इसलिए ऐहतियात बरतिए, अपने घरों में रहिए।

Modi Coronavirus Speech: कोरोना पर राष्ट्र के नाम संबोधन में बोले पीएम मोदी, जान है तो जहान है

सोचिए, पहले एक लाख लोग संक्रमित होने में 67 दिन लगे और फिर इसे 2 लाख लोगों तक पहुंचने में सिर्फ 11 दिन लगे। ये और भी भयावह है कि दो लाख संक्रमित लोगों से तीन लाख लोगों तक ये बीमारी पहुंचने में सिर्फ चार दिन लगे। साथियों, यही वजह है कि चीन, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, इटली-ईरान जैसे देशों में जब कोरोना वायरस ने फैलना शुरू किया, तो हालात बेकाबू हो गए।

उपाय क्या है, विकल्प क्या है? साथियों, कोरोना से निपटने के लिए उम्मीद की किरण, उन देशों से मिले अनुभव हैं जो कोरोना को कुछ हद तक नियंत्रित कर पाए। हमें भी ये मानकर चलना चाहिए कि हमारे सामने यही एक मार्ग है- हमें घर से बाहर नहीं निकलना है। चाहे जो हो जाए, घर में ही रहना है।

भारत आज उस स्टेज पर है जहां हमारे आज के एक्शन तय करेंगे कि इस बड़ी आपदा के प्रभाव को हम कितना कम कर सकते हैं। ये समय हमारे संकल्प को बार-बार मजबूत करने का है।ये धैर्य और अनुशासन की घड़ी है। जब तक देश में lockdown की स्थिति है, हमें अपना संकल्प निभाना है, अपना वचन निभाना है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने बृहस्पतिवार (19 मार्च) को राष्ट्र के नाम संदेश में रविवार (22 मार्च) को ‘जनता कर्फ्यू’ लागू करने और लोगों से घर-घर दूध, अखबार, राशन पहुंचाने वालों, पुलिसकर्मियों, स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों और मीडियाकर्मियों के प्रति आभार जताने की अपील की थी। उन्‍होंने ऐसे लोगों का आभार जताने के लिए 22 मार्च की शाम 5 बजे घर की खिड़की, बालकनी या गेट पर आकर ताली, घंटा-थाली बजाने की अपील की थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार (23 मार्च) को लोगों से लॉकडाउन का गंभीरता से पालन करने की अपील करते हुए राज्य सरकारों से नियमों और कानूनों का पालन कराना सुनिश्चित करने को भी कहा था।

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  • Web Title:Modi Coronavirus Speech PM Narendra Modi urges People Stay 31 Days in Home Otherwise