गन्ना विभाग की महत्वपूर्ण बैठक में सचिव ने दिए निर्देश
उतराखण्ड शुगर्स मुख्यालय में सचिव, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में चीनी मिलों के आधुनिकीकरण, आत्मनिर्भरता तथा गन्ने की पॉलिसी पर विचार किया गया। भविष्य में बेहतर तकनीकी सहायता और वित्तीय मदद की आवश्यकता पर बल दिया गया।

काशीपुर। सचिव, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग की अध्यक्षता में शुक्रवार उत्तराखण्ड शुगर्स मुख्यालय के सभागार कक्ष में अपर सचिव/ प्रबन्ध निदेशक (गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग), आयुक्त (गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग), संयुक्त आयुक्त, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग व जनपद, देहरादून, हरिद्वार एवं ऊधम सिह नगर के सहायक गन्ना आयुक्तों, महा प्रबन्धक (उत्तराखण्ड शुगर्स), समस्त चीनी मिलों के प्रधान प्रबन्धक / अधिशासी निदेशक व समस्त विभागाध्यक्षों एवं निजी क्षेत्र की चीनी मिलों के प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिभाग किया गया, जिसमें सचिव, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग द्वारा चीनी मिलों के उपस्थित अधिकारियों को समीक्षा बैठक में निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक की महत्वपूर्ण बातें
उन्होंने कहा कि चीनी मिलों के आधुनिकीकरण, आत्मनिर्भर व व्यवहार्य बनाये जाने हेतु अपर सचिव/प्रबन्ध निदेशक के स्तर पर समिति का गठन किया जाय एवं गन्ने की पॉलिसी हेतु आयुक्त, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग के स्तर पर समिति का गठन कर तीन माह के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि चीनी मिलों को तकनीकी रूप से व्यवहार्य बनाए जाने के लिए समिति का गठन किया जाए। जिसमें यथा-आवश्यकता निजी संस्थान के दक्ष लोगो को भी नामित किया जाय।
भविष्य की दिशा
चीनी मिलों में उपलब्ध खाली भूमि पर इस प्रकार की कार्य योजना बनाई जाए। जिसमें चीनी मिलों को अतिरिक्त आय प्राप्त हो। चीनी मिलों के चरणबद्ध रूप से आधुनिकीकरण की जाने के लिए वित्तीय सहायता के लिए भारत सरकार एवं राज्य सरकार के अधीन ऐसी संस्थाओं को प्रस्ताव प्रेषित किया जाए। जो चीनी मिलों को वित्तीय सहायता प्रदान कर सके.


