अडानी ग्रुप कानपुर में बना रहा दो बड़े गेहूं भंडारण केंद्र

हिन्दुस्तान, कानपुर
Follow us on Google News
share

आशीष दीक्षित कानपुर में, अडानी एग्री लॉजिस्टिक लिमिटेड द्वारा दो अत्याधुनिक गेहूं भंडारण केंद्रों का निर्माण किया जा रहा है। इनसे 1.50 लाख मीट्रिक टन गेहूं का सुरक्षित भंडारण होगा, जिससे गेहूं की शेल्फ लाइफ दो से तीन वर्ष बढ़ जाएगी। यह परियोजना 112 करोड़ रुपये की लागत से बन रही है।

अडानी ग्रुप कानपुर में बना रहा दो बड़े गेहूं भंडारण केंद्र

आशीष दीक्षित कानपुर। कानपुर में गेहूं के सुरक्षित भंडारण और कृषि लॉजिस्टिक्स को नई मजबूती मिलने जा रही है। अडानी ग्रुप की अडानी एग्री लॉजिस्टिक लिमिटेड शहर के चंदारी और कानपुर देहात के मैथा क्षेत्र में दो अत्याधुनिक गेहूं भंडारण केंद्र (साइलो) का निर्माण करा रही है। करीब 112 करोड़ रुपये की लागत से बन रही दोनों परियोजनाओं के वर्ष के अंत तक पूरा होने के आसार हैं। इनके शुरू होने के बाद कुल 1.50 लाख मीट्रिक टन गेहूं का बेहतर तरीके से भंडारण किया जा सकेगा। तापमान और नमी नियंत्रित रखने वाली आधुनिक तकनीक के कारण गेहूं लंबे समय तक सुरक्षित रहेगा, जिससे एफसीआई की खरीद, भंडारण और आपूर्ति व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत होगी.

चंदारी में 87 करोड़ की लागत से निर्माण :

ग्रुप की ओर से चंदारी में 87 करोड़ रुपये की लागत से 16 एकड़ भूमि पर 1.25 लाख मीट्रिक टन क्षमता का गेहूं भंडारण केंद्र कराया जा रहा है। वहीं मैथा में 25 करोड़ की लागत से 4.25 एकड़ में 25 हजार मीट्रिक टन क्षमता का भंडारण केंद्र तैयार हो रहा है। दोनों परियोजनाओं के पूरा होने पर क्षेत्र में गेहूं के सुरक्षित भंडारण की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा.

गेहूं की शेल्फ लाइफ दो-तीन वर्ष और बढ़ेगी :

बताया गया कि आधुनिक तकनीक वाले इन साइलो में तापमान और नमी को नियंत्रित रखने वाली तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इससे पंजाब, हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों से आने वाले गेहूं की गुणवत्ता लंबे समय तक सुरक्षित बनी रहेगी। उसकी उपयोग अवधि (शेल्फ लाइफ) दो से तीन वर्ष तक बढ़ाई जा सकेगी। खुले गोदामों की तुलना में इस व्यवस्था में खराब होने, नमी लगने और कीटों से नुकसान की आशंका भी काफी कम रहेगी.

अडानी ग्रुप के निवेश से औद्योगिक माहौल होगा बेहतर :

उपायुक्त उद्योग अंजनीश प्रताप सिंह ने बताया कि अडानी ग्रुप चंदारी और मैथा में अत्याधुनिक गेहूं भंडारण केंद्र (साइलो) का निर्माण करा रहा है। 112 करोड़ की दोनों परियोजनाओं के इसी साल शुरू होने की उम्मीद है। यह निवेश केवल भंडारण क्षमता ही नहीं बढ़ाएगा, बल्कि जिले के औद्योगिक माहौल को भी मजबूती देगा। इससे कृषि आधारित लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य में नए निवेश की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। एफसीआई को गेहूं की खरीद, सुरक्षित रखरखाव और जरूरत के अनुसार विभिन्न राज्यों तक आपूर्ति करने में आसानी होगी। किसानों, व्यापारियों और खाद्यान्न कारोबार से जुड़े लोगों को भी बेहतर और आधुनिक भंडारण सुविधा मिलेगी, जिससे भंडारण संबंधी चिंता कम होगी.

----------------

साइलो बनने के पांच बड़े फायदे :

गेहूं लंबे समय तक सुरक्षित रहेगा और उसकी गुणवत्ता बनी रहेगी

तापमान व नमी नियंत्रित रहने से खराब और कीट लगने का खतरा कम

एफसीआई की खरीद, भंडारण, आपूर्ति व्यवस्था अधिक तेज और व्यवस्थित होगी

किसानों और व्यापारियों को आधुनिक एवं सुरक्षित भंडारण सुविधा उपलब्ध होगी

कानपुर व आसपास में कृषि लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक निवेश को नई गति मिलेगी

सामान्य प्रश्न

अडानी ग्रुप किस क्षेत्र में गेहूं भंडारण केंद्र का निर्माण कर रहा है?
अडानी ग्रुप कानपुर के चंदारी और कानपुर देहात के मैथा क्षेत्र में गेहूं भंडारण केंद्र का निर्माण कर रहा है।
Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।