सिर्फ कार ही नहीं, फोन को भी ट्रैक कर रहे कैमरे
ब्लूटूथ या वाई-फाई सिग्नल पकड़ता है खास तरह का सेंसर वॉशिंगटन, एजेंसी। सड़क किनारे

ब्लूटूथ या वाई-फाई सिग्नल पकड़ता है खास तरह का सेंसर वॉशिंगटन, एजेंसी। सड़क किनारे लगे आधुनिक कैमरे सिर्फ गाड़ियों की नंबर प्लेट ही नहीं, बल्कि कार के अंदर बैठे लोगों के डिवाइस पर भी नजर रख रहे हैं।
कैमरों की कार्यप्रणाली
अमेरिका की डिजिटल मीडिया कंपनी 404 मीडिया के अनुसार, कैमरों में लगा ‘सिग्नलट्रेस’ सेंसर कार के अंदर मौजूद उपकरणों, जैसे- स्मार्टफोन, एयरपॉड, स्मार्टवॉच और अन्य ब्लूटूथ या वाई-फाई डिवाइस को ट्रैक कर लेता है। यह सिस्टम गाड़ी के टायर में लगे एयर प्रेशर सेंसर और दफ्तर के आईडी कार्ड (वर्क बैज) को जांच सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसके पीछे एक एडवांस एल्गोरिदम (कंप्यूटर प्रोग्राम) काम करता है। इसे ‘इलेक्ट्रॉनिक फिंगरप्रिंट’ कहती है। इसके जरिये पुलिस या जांच एजेंसियां यह पता लगा सकती हैं कि गाड़ी के अंदर कौन-कौन मौजूद है, वे कहां रहते हैं, किस रास्ते से जाते हैं और उनके साथ कौन सफर कर रहा है।
सुरक्षा चिंता
चिंता की बात यह है कि इन कैमरों को काम करने के लिए किसी हाईवे या ट्रैफिक सिग्नल की जरूरत नहीं है। इन चोर सेंसरों को रेलवे स्टेशनों, शॉपिंग मॉल और बड़े कार्यक्रमों वाली जगहों पर भी छिपाकर लगाया जा सकता है, ताकि वहां आने-जाने वाली भीड़ को ट्रैक किया जा सके। डिजिटल सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि बिना किसी अपराध के आम नागरिकों के आने-जाने और उनके गैजेट का ऐसा डाटाबेस बनाना बेहद खतरनाक है। उन्होंने आगाह किया है कि इन ट्रैकिंग सिस्टम में कई सुरक्षा खामियां हो सकती हैं, जिनका फायदा उठाकर साइबर अपराधी और हैकर आपका पर्सनल (निजी) डाटा चुरा सकते हैं।
ग्राफिक्स
100 स्मार्ट शहरों में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर काम कर रहे हैं
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 84,000 सीसीटीवी और स्मार्ट कैमरे लगाए गए हैं
एआई और नंबर प्लेट पहचान तकनीक से ट्रैफिक व सुरक्षा पर नजर रखी जाती है
दिल्ली में 2.4 लाख से ज्यादा सरकारी कैमरे लगे हैं
ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर नजर रखने के लिए हजारों कैमरे सक्रिय हैं
हैदराबाद और इंदौर सबसे ज्यादा निगरानी वाले शहरों में शामिल हैं
हैदराबाद पुलिस नेटवर्क में 9 लाख से ज्यादा कैमरे जुड़े हुए हैं
हाईवे और टोल प्लाजा पर इलेक्ट्रॉनिक निगरानी अनिवार्य की गई है
एक्सप्रेसवे पर स्पीड और नंबर प्लेट पहचानने वाले कैमरे लगाए गए हैं
देशभर में ट्रैफिक और सुरक्षा निगरानी का नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है


