हवाई हमले की स्थिति में राहत और बचाव का जिला प्रशासन ने किया पूर्वाभास
जमशेदपुर में सोमवार को सर्किट हाउस एरिया स्थित महारानी मेंशन में एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य हवाई हमले की स्थिति में राहत और बचाव कार्य को बेहतर बनाना था। जिला प्रशासन की नेतृत्व में सीविल डिफेंस के साथ मिलकर, घायलों को सुरक्षित रूप से चिकित्सा सेवाओं तक पहुंचाया गया।
जमशेदपुर में भविष्य में होने वाले किसी भी प्रकार के हवाई हमले की स्थिति में राहत और बचाव कार्य किस प्रकार किया जाए, कि हताहतों की संख्या कम से कम रहे, इसको लेकर सोमवार को सर्किट हाउस एरिया स्थित महारानी मेंशन में मॉक ड्रिल किया गया। इसका आयोजन सिविल डिफेंस ने जिला प्रशासन के सहयोग से किया। इसके तहत महारानी मेंशन के दूसरे तल से हमले के पश्चात कथित रूप से घायलों को सीढ़ी और रस्सी के सहारे राहत और बचाव कर्मियों ने एक-एक कर उतारा।
राहत और बचाव कार्य
फिर उन्हें स्ट्रेचर की मदद से एंबुलेंस तक ले जाया गया और तत्काल उन्हें अस्पताल भेजा गया। जिला प्रशासन ने पहले से इसकी तैयारी कर रखी थी। उपायुक्त राजीव रंजन के नेतृत्व में प्रशासन का दस्ता घटना की सूचना मिलते ही सर्किट हाउस से रवाना हुआ और तत्काल वहां पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गया। इस मौके पर सिविल डिफेंस के नियंत्रक सह उपायुक्त राजीव रंजन, उप नियंत्रक सह धालभूम के एसडीएम अरनव मिश्रा और पुलिस के वरीय पदाधिकारियो के अलावा सिविल डिफेंस के अरुण कुमार सहित उनकी पूरी टीम ने इसमें हिस्सा लिया। इस पूरी प्रक्रिया में करीब 25 मिनट लगे। शाम 7:00 बजे निर्मल गेस्ट हाउस में ब्लैक आउट का मॉक ड्रिल किया जाएगा।


