तैयारी : छोटे श्रमिक मोबाइल पर ही पेंशन खाता खोल सकेंगे
शोल्डर ::: पीएफआरडीए का नया प्रस्ताव, ई-श्रम खाता का किया जाएगा इस्तेमाल नई दिल्ली,

नई दिल्ली, हिन्दुस्तान ब्यूरो। पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) जल्द ही असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और कामगारों के लिए मोबाइल आधारित पेंशन खाता शुरू कर सकता है। इसके तहत ई-श्रम पोर्टल पर पहले से पंजीकृत कामगार मोबाइल फोन से कुछ आसान चरणों में पेंशन खाता खोल सकेंगे। साथ ही यूपीआई के जरिये उसमें छोटी-छोटी रकम जमा कर सकेंगे। प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य उन लोगों के लिए औपचारिक सेवानिवृत्ति बचत को आसान बनाना है, जो संगठित कार्यबल से बाहर हैं।
असंरक्षित क्षेत्र का कार्यबल
असंगठित क्षेत्र में बड़ी संख्या ऐसे कामगारों की है, जिन्हें नियमित मासिक वेतन नहीं मिलता और जो आयकर भी नहीं देते। पीएफआरडीए ऐसी सरल डिजिटल व्यवस्था तैयार करने पर काम कर रहा है, जिसमें सरकार के ई-श्रम आंकड़ों में पहले से पंजीकृत कामगारों की जानकारी का इस्तेमाल किया जा सके। ई-श्रम में खाता खोलने के लिए जरूरी कई जानकारियां पहले से उपलब्ध हैं। इससे मोबाइल पर कुछ क्लिक में पेंशन खाता खोलने की प्रक्रिया पूरी करने की योजना है। इस सुविधा को कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराने की भी योजना है, ताकि असंगठित क्षेत्र के कामगार पेंशन उत्पादों को आसानी से समझ और इस्तेमाल कर सकें। गौरतलब है कि पीएफआरडीए ने 2025 में डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े कामगारों, खासकर गिग वर्करों को एनपीएस से जोड़ने के लिए एनपीएस ई-श्रमिक (प्लेटफॉर्म सेवा भागीदार) मॉडल भी शुरू किया था। इसमें प्लेटफॉर्म कंपनियों के जरिये काम करने वाले लोगों को एनपीएस में शामिल करने और योगदान की व्यवस्था की गई थी।
यूपीआई से कर सकेंगे भुगतान
खाता खुलने के बाद कामगार यूपीआई के जरिये उसमें पेंशन के लिए रकम जमा कर सकेंगे। इससे उन लोगों के लिए नियमित बचत करना आसान हो सकता है, जिनकी आय हर महीने एक जैसी नहीं होती। मसलन, दिहाड़ी मजदूर, घरेलू कामगार, छोटे दुकानदार, वाहन चालक और दूसरे स्वरोजगार वाले लोग अपनी आय के हिसाब से योगदान कर सकेंगे। पीएफआरडीए पहले ही एनपीएस तत्काल जैसी डिजिटल व्यवस्था पर काम कर चुका है, जिसमें यूपीआई के जरिये पेंशन खाते में योगदान की सुविधा उपलब्ध है। पीएफआरडीए के एक आधिकारिक दस्तावेज में भी यूपीआई आधारित पेंशन खाता खोलने की डिजिटल व्यवस्था विकसित करने की बात कही गई थी।
हर तबके तक पहुंचने पर जोर
पीएफआरडीए का जोर पेंशन को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने पर है। जनवरी-फरवरी 2026 के पीएफआरडीए बुलेटिन में भी गैर-सरकारी क्षेत्र में एनपीएस की पहुंच बढ़ाने और डिजिटल माध्यम से खाता खोलने की जरूरत पर जोर दिया गया था। नियामक ने उस समय करीब 60 करोड़ कामगारों वाले कार्यबल में एनपीएस की पहुंच को काफी बढ़ाने का लक्ष्य सामने रखा था। पीएफआरडीए के मुताबिक एनपीएस में पहले से डिजिटल माध्यम से खाता खोलने और योगदान की सुविधा मौजूद है। मौजूदा व्यवस्था में मोबाइल ऐप, वेबसाइट, बैंक के जरिये भुगतान और यूपीआई सहित कई माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
जल्द शुरू होगी एनपीएस स्वास्थ्य सुविधा
पीएफआरडीए जल्द एनपीएस स्वास्थ्य सुविधा भी शुरू करने वाला है। इसके तहत खाताधारक अपनी जमा पेंशन बचत के एक हिस्से का इस्तेमाल अस्पताल में भर्ती होने के खर्च के लिए कर सकेंगे। इसके साथ जुड़ी अतिरिक्त बीमा सुविधा बाकी रकम को कवर करेगी। रिपोर्ट के अनुसार, यह अतिरिक्त बीमा सुविधा शुरुआती योगदान की करीब 8 से 10 गुना हो सकती है। एनपीएस स्वास्थ्य का परीक्षण दो पेंशन कोषों के साथ किया गया है। आगे सभी पेंशन कोष बीमा कंपनियों के साथ समझौता करके यह उत्पाद उपलब्ध करा सकेंगे। इसके अंतिम दिशानिर्देश अगले कुछ दिनों में जारी होने और उसके तुरंत बाद यह सुविधा शुरू होने की संभावना है।
गारंटीड रिटर्न वाली पेंशन योजना पर भी काम
पीएफआरडीए गैर-सरकारी क्षेत्र के लिए गारंटीशुदा रिटर्न वाली पेंशन योजना तैयार करने पर भी काम कर रहा है। इसके लिए विशेषज्ञ समिति बनाई गई है। हालांकि, इसमें सबसे बड़ी चुनौती यह तय करना है कि पेंशन पर मिलने वाले सुनिश्चित रिटर्न की गारंटी कौन देगा। सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू एकीकृत पेंशन योजना में गारंटी की व्यवस्था पहले से है, लेकिन गैर-सरकारी क्षेत्र के लिए ऐसी व्यवस्था तैयार करना अलग चुनौती है।


