दिव्यांगजनों के लिए लगाया मोबाइल कोर्ट
राज्य आयुक्त दिव्यांगजन ने मोबाइल कोर्ट लगाकर दिव्यांगजनों की समस्याओं का समाधान किया। 57 प्रकरणों की सुनवाई में दिव्यांग प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आवास, आयुष्मान कार्ड और पेंशन के लाभ देने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे और पारदर्शिता बरती जाए।
राज्य आयुक्त दिव्यांगजन प्रो. हिमांशु शेखर झा ने मंगलवार को विकास भवन स्थित सरस हाल में मोबाइल कोर्ट लगाकर दिव्यांगजनों के प्रकरणों की सुनवाई की। दिव्यांगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। इसके बाद संबंधित विभाग के अफसरों को समस्याओं के निस्तारण का निर्देश दिया। मोबाइल कोर्ट का उद्देश्य दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 की मूल भावना के अनुरूप उनके अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं का त्वरित लाभ दिलाना तथा दूरदराज के ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांगजनों को जागरूक करना है। राज्य आयुक्त दिव्यांगजन ने मोबाइल कोर्ट में 57 प्रकरणों की सुनवाई की। इसमें अधिकतर मामले दिव्यांग प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आवास, आयुष्मान कार्ड, कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण एवं दिव्यांग पेंशन का लाभ दिलाए जाने से संबंधित रहे।
उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को सप्ताह में दो दिन मेडिकल बोर्ड की बैठक कराकर दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी कराने के निर्देश दिया कि पारदर्शी तरीके से उनको दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किया जाए। पात्र दिव्यांगजनों के आयुष्मान कार्ड प्राथमिकता के आधार पर बनाए जाएं। मौके पर ही पांच को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी किए गए एवं 15 दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनाए जाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए गए। उन्होंने कहा कि राशन कार्ड बनाने में लापरवाही न बरती जाए, 12 दिव्यांगजनों को राशन कार्ड के लिए पंजीकरण भी किया गया। सत्यापन कर पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार की जाए और उन्हें आवास उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी पात्र दिव्यांगजनों को शासन की योजनाओं का लाभ दिया जाए। इस अवसर पर सीडीओ विनोद राम त्रिपाठी, क्षेत्राधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी मुदित श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।


