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1 अप्रैल, 2020|11:20|IST

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मिजोरम विधानसभा में धार्मिक आजादी को लेकर पारित हुआ प्रस्ताव, अल्पसंख्यकों को बताया खतरे में

mizoram legislative assembly

मिजोरम विधानसभा ने शुक्रवार (21 फरवरी) को सर्वसम्मति से निजी संकल्प को पारित कर केन्द्र से संविधान में निहित धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया। प्रस्ताव पेश करने वाले विपक्षी कांग्रेस विधायक दल के नेता जोदिंतुआंगला ने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक खतरे में हैं और 2014 में केन्द्र में भाजपा नीत राजग की सरकार बनने के बाद से धार्मिक उत्पीड़न बढ़ा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा राजग सरकार में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार और मस्जिदों तथा गिरजाघरों समेत उनके धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़ के मामले बढ़े हैं। मुख्यमंत्री जोरमथंगा और नेता विपक्ष लालडुहोमा ने प्रस्ताव पर चली लंबी चर्चा में हिस्सा लिया। वहीं राज्य में सत्तारूढ़ मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के विधायकों ने कहा कि अल्पसंख्यकों पर धार्मिक उत्पीड़न के मामले कांग्रेस शासनकाल में कहीं ज्यादा थे।

गोवा में सीएए-विरोधी प्रदर्शनकारियों ने एनपीआर, जनगणना 2021 का विरोध करने का संकल्प लिया
दूसरी ओर, गोवा के पणजी में शुक्रवार (21 फरवरी) को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) विरोधी रैली में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी और जनगणना 2021 में सरकारी एजेंसियों का सहयोग नहीं करने का संकल्प लिया। ''गोवा एलायंस अगेंस्ट सीएए-एनआरसी-एनपीआर'' द्वारा आजाद मैदान में आयोजित इस रैली में 15,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया।

रैली में प्रस्ताव पारित किया गया, ''हम संकल्प लेते हैं कि जब तक सीएए-एनपीआर-एनआरसी को वापस नहीं लिया जाता है तब तक हम एनपीआर या जनगणना 2021 के लिए कोई भी जानकारी नहीं देंगे।"

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  • Web Title:Mizoram Assembly adopts resolution on religious freedom Target Narendra Modi Govt