ब्रेस्ट कैंसर की खोज के लिए उपकरण तैयार करेंगे एमआईटी के शिक्षक
नेट पर नहीं -विज्ञान व तकनीकी शिक्षा विभाग ने मशीन तैयार करने को दिया प्रोजेक्ट

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददता। एमआईटी के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन विभाग के शिक्षक पवन कुमार जायसवाल ब्रेस्ट कैंसर के ट्यूमर को बीमारी की शुरुआत में खोजने के लिए मशीन तैयार करेंगे। इसके लिए उन्हें बिहार काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी से प्रोजेक्ट दिया गया है। प्रो. जायसवाल ने बताया कि पूरे बिहार में यह प्रोजेक्ट उन्हें ही मिला है। इस प्रोजेक्ट से कैंसर के इलाज में काफी फायदा पहुंचेगा। प्रोजेक्ट के तहत उन्हें काउंसिल से 2.07 लाख रुपये दिये गए हैं।
शोध परियोजना का उद्देश्य
प्रो. जायसवाल ने बताया कि इस शोध परियोजना का मुख्य उद्देश्य कम लागत वाली माइक्रोवेव एवं मशीन लर्निंग आधारित तकनीक विकसित करना है, जिसके माध्यम से शुरुआती अवस्था में ब्रेस्ट ट्यूमर की पहचान की जा सके। उन्होंने एक हाइली डायरेक्टिव एंटीना का डिजाइन तैयार किया है। ब्रेस्ट के इलेक्ट्रिकल गुणों को ध्यान में रखते हुए ब्रेस्ट फैंटम मॉडल तैयार कर विभिन्न आकार के ट्यूमर को शामिल कर परीक्षण भी किया है।
तकनीक का विश्लेषण
प्रयोग एवं सिमुलेशन से प्राप्त डेटा का विश्लेषण कर उसे मशीन लर्निंग एल्गोरिदम से माध्यम से लागू किया जा रहा है। इस तकनीक के माध्यम से ट्यूमर के आकार एवं उसकी उपस्थिति की पहचान को अधिक प्रभावी और स्वचालित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। शोध का प्रमुख लक्ष्य भविष्य में ऐसी तकनीक विकसित करना है, जो कम लागत, गैर-आक्रामक और शुरुआती स्तर पर ट्यूमर की पहचान में उपयोगी साबित हो सके।


