5 साल के भाई की हत्या में नाबालिग बहन को 20 साल कैद
एक विशेष जज ने नाबालिग बहन को उसके पांच वर्षीय भाई की हत्या के मामले में बीस साल की सजा सुनाई। भाई ने बहन की प्रेमी के खिलाफ शिकायत करने की धमकी दी थी। मामले में प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा मिली। यह घटना 28 जुलाई 2020 को हुई थी।

पांच वर्षीय भाई की प्रेमी से गला दबाकर हत्या कराने में दोषी नाबालिग बहन को विशेष जज पॉक्सो एक्ट तृतीय नम्रता अग्रवाल की विशेष कोर्ट ने सश्रम बीस साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई है। विशेष कोर्ट ने दोषी बहन पर पैंतीस हजार का जुर्माना भी ठोका है। विशेष लोक अभियोजक राजीव तिवारी ने बताया कि नवाबगंज क्षेत्र के एक गांव में पीलीभीत के दंपति अपने नाबालिग बच्चों के साथ रहकर मजदूरी करते थे। उसके घर के सामने रहने वाले महेश उर्फ मुकेश के अवैध संबंध मजदूर दंपति की नाबालिग बेटी से हो गये थे। 28 जुलाई 2020 को पति पत्नी मजदूरी करने गए हुए थे। उसके दो बच्चे खेलने घर के बाहर गए थे। घर में पांच वर्षीय बेटा सो रहा था। महेश उर्फ मुकेश घर में आया। उसने नाबालिग से शारीरिक संबंध बनाये। तभी उसका पांच वर्षीय भाई जाग गया। उसने मम्मी पापा से बहन की शिकायत करने को कहा। आरोप है कि नाबालिग बहन ने बदनामी से डर कर अपने प्रेमी महेश उर्फ मुकेश से कहकर अपने पांच वर्षीय भाई की गला दबाकर हत्या करा दी। घटना को छिपाने को दोनों ने शव को जीने के पास झाड़ियों में फेक दिया। शव मिलने पर मजदूर दंपति की बेटी ने सच्चाई छिपाकर भाई के छत से गिरकर मृत्यु होने की कहानी गढ़ी थी। कड़ाई से पूछने पर उसने पूरा घटनाक्रम बताया। तब मजदूर ने थाना नवाबगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। नवाबगंज पुलिस ने आरोपी प्रेमी महेश उर्फ मुकेश और मृत बच्चे की नाबालिग बहन के खिलाफ अलग अलग चार्जशीट पेश हुई थी.
विशेष जज की सुनवाई
हत्यारोपी नाबालिग बहन के खिलाफ विशेष जज पॉक्सो एक्ट तृतीय नम्रता अग्रवाल की विशेष कोर्ट में सुनवाई हुई। आरोपी साबित करने को विशेष लोक अभियोजक राजीव तिवारी ने आठ गवाह पेश किये थे। दोनों पक्ष की दलीलों को सुनकर विशेष कोर्ट ने आरोपी नाबालिग बहन को सश्रम बीस साल की कैद की सजा सुनाई।
प्रेमी को मिली सजा
मृत भाई की बहन के प्रेमी को सोमवार को विशेष कोर्ट ने सुनाई थी आजीवन कैद की सजा ..
इस मामले की जानकारी
विशेष लोक अभियोजक राजीव तिवारी ने बताया कि अपने अवैध संबंधों को छिपाने को पांच वर्षीय बच्चे की गला दबाकर हत्या करने के मामले में बीते सोमवार को विशेष जज पॉक्सो एक्ट तृतीय नम्रता अग्रवाल की विशेष कोर्ट ने नाबालिग के प्रेमी महेश उर्फ मुकेश को दोषी मानते हुए सश्रम आजीवन कारावास की कैद की सजा सुनाई थी। मृत बच्चे की बहन की उम्र वारदात के समय 17 वर्ष 26 थी। इसीकारण मृत बच्चे की बहन के खिलाफ किशोर अधिनियम के तहत अलग सुनवाई हुई थी.


