कृषि वैज्ञानिक 6 महीने में तैयार होने वाली गन्ने की प्रजातियां विकसित करें- लक्ष्मी नारायण
लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। गन्ा एवं चीनी विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने कृषि वैज्ञानिकों से

लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। गन्ना एवं चीनी विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने कृषि वैज्ञानिकों से अपील की है कि वे 6 महीने में तैयार होने वाली गन्ने की प्रजातियां विकसित करें। यह भी कहा कि ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ‘क्लाइमेट स्मार्ट’ प्रजातियां तैयार किए जाने की जरूरत है। लक्ष्मी नारायण गुरुवार को लखनऊ में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के 98वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर बोल रहे थे।
किसानों की मेहनत और तकनीक
इस दौरान उन्होंने प्रदेश के गन्ना किसानों के कड़े परिश्रम और सरकार द्वारा समय पर उपलब्ध कराई जा रही उन्नत तकनीक व कृषि इनपुट की सराहना की और कहा कि प्रदेश में गन्ने के उत्पादन में ऐतिहासिक उछाल दर्ज की गई है। चौधरी लक्ष्मी नारायण ने गन्ना खेती की घटती लाभप्रदता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जल संकट को देखते हुए उच्च जल उपयोग दक्षता वाली प्रजातियों के विकास की जरूरत है। साथ ही कीटों और गंभीर बीमारियों के प्रति टिकाऊ प्रतिरोधी क्षमता वाली किस्में बनाई जाएं।
उर्वरक और जैविक खाद
रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से भूजल के दूषित होने और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले इसके दुष्प्रभावों के प्रति आगाह करते हुए उन्होंने नैनो यूरिया जैसी तकनीकों के लिए व्यापक संवेदीकरण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने किसानों से कंपोस्ट और जैविक खादों के अधिकाधिक उपयोग की अपील की। इस अवसर पर गन्ना राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने उच्च गुणवत्ता वाली फसल किस्मों के विकास, उत्पादन तकनीकों, फसल संरक्षण तथा कृषि अनुसंधान के माध्यम से देश की कृषि व्यवस्था को नई दिशा प्रदान की है।


