माइग्रेन के अटैक से बचने को करें चाइनीज फूड से परहेज
मुरादाबाद में चाइनीज फूड खाने से तेजी से माइग्रेन के मरीज बढ़ रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार मोनोसोडियम ग्लूटामेट, नमक और सोया सॉस जैसे तत्व माइग्रेन के दौरे का कारण बन रहे हैं। उचित दर्द निवारक दवा से राहत तो मिल सकती है, लेकिन असली कारणों को जानकर बचाव करने की सलाह दी गई है।

मुरादाबाद। अगर आप अक्सर होने वाले तेज सिरदर्द (माइग्रेन) से परेशान हैं तो इसके ट्रिगर (कारणों) का पता लगाएं। चिकित्सकों का कहना है कि मुरादाबाद में बड़ी संख्या में लोग चाऊमीन, फ्राइड रॉइस, मंचूरियन आदि चाइनीज फूड खाने की वजह से माइग्रेन के अटैक (दौरे) की चपेट में आ रहे हैं। चाइनीज फूड में जायका बढ़ाने को इस्तेमाल होने वाला केमिकल मोनोसोडियम ग्लूटामेट (अजीनोमीटो) माइग्रेन के दौरे का ट्रिगर कर रहा है। यह माइग्रेन के प्रति संवेदनशील लोगों के मस्तिष्क में न्यूरो ट्रांसमीटर को उत्तेजित करता हे। जिससे सिर की कोशिकाओं में खिंचाव होता है और माइग्रेन का दर्द शुरू हो जाता है। चाऊमीन, फ्राइड राइस, मंचूरियन आदि चाइनीज फूड में अत्यधिक नमक (सोडियम) व सोया सॉस का इस्तेमाल भी माइग्रेन की दिक्कत बढ़ा रहा है। सोडियम की वजह से शरीर में होने वाली पानी की कमी माइग्रेन का कारण बन जाती है। बासी या पुराना पनीर, प्रोसेस्ड मांस का सेवन करना भी माइग्रेन का कारण बनता है।
चिकित्सकों की बात
माइग्रेन की समस्या से पीड़ित मरीजों को उपयुक्त दर्द निवारक दवा से राहत मिल सकती है, लेकिन, दर्द होने के वास्तविक ट्रिगर को पहचानकर उससे बचाव ही इसका इलाज है। चाइनीज फूड, मानसिक तनाव व देर तक भूखे रहना एक बड़ा ट्रिगर है।
डॉ.अफजल, फिजीशियन, कार्डियोलॉजी विभाग, कॉसमॉस अस्पताल
आजकल बड़ी संख्या में लोगों को चाइनीज आदि फास्ट फूड खाने से माइग्रेन हो रहा है। बार-बार माइग्रेन से पीड़ित होने वाले लोग कॉफी, कोक, पनीर, चॉकलेट आदि का सेवन करने से बचें। तेज धूप के संपर्क, शोरशराबे से भी बचाव करें।
डॉ.तरुण अग्रवाल का नजरिया
ज्यादा देर तक भूखे रहना, रात को कम सोना माइग्रेन का बड़ा कारण है। कुछ प्रकार के परफ्यूम की गंध भी माइग्रेन का कारण है। जिन कारणों से माइग्रेन हो जाता है उन्हें पहचानने की जरूरत है। शोर युक्त वातावरण से बचें।
डॉ.अंकित सिंघल, मनोरोग विशेषज्ञ
अनियमित दिनचर्या और माइग्रेन
अनियमित दिनचर्या माइग्रेन का बड़ा कारण है। चाय-कॉफी का सेवन कम करें। भूखे नहीं रहें। पौष्टिक और संतुलित भोजन करें। कई लोगों को दही, मौसमी, संतरा, नींबू आदि खट्टी चीजें खाने से माइग्रेन हो जाता है। कोल्ड ड्रिंक, कोको, वाइन का सेवन भी नहीं करें।
डॉ.नीरज गुप्ता, मनोरोग विशेषज्ञ
सिरदर्द के साथ और भी हैं माइग्रेन के लक्षण
माइग्रेन के लक्षण
फिजीशियन डॉ.तरुण अग्रवाल ने बताया कि माइग्रेन में सिरदर्द होने के साथ ही पेट में खराबी, उल्टी, मिचली, हाथ पैरों में सुन्नपन, आंखों से धुंधला दिखना आदि समस्याएं हो जाती हैं।
मैग्नीशियम युक्त चीजें खाना फायदेमंद
माइग्रेन से बचने के लिए मैग्नीशियम युक्त चीजें खाना अच्छा है।
बीज और मेवे: कद्दू (पंपकिन) के बीज, चिया के बीज, बादाम, काजू और मूंगफली मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत हैं।
हरी पत्तेदार सब्जियां: पालक (उबला हुआ) केल और ब्रोकली फायदेमंद हैं।
साबुत अनाज: ब्राउन राइस, ओट्स, क्विनोआ और साबुत गेहूं की रोटी मैग्नीशियम से भरपूर हैं।
फलियां और सोया उत्पाद: राजमा, काले बीन्स, एडामे (सोयाबीन) और टोफू फायदेमंद।
डार्क चॉकलेट, एवोकाडो और केले मैग्नीशियम पाने के अच्छे विकल्प हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेखक के बारे में
Rajeev kumar Sharmaशॉर्ट बायो: राजीव शर्मा पिछले लगभग 20 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ मुरादाबाद में सीनियर कंटेंट क्रिएटर के पद पर कार्यरत हैं।
परिचय एवं अनुभव
राजीव शर्मा ने वर्ष 2006 में दैनिक जागरण से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की। वर्ष 2009 में वह अमर उजाला से जुड़े। 2012 में ‘हिन्दुस्तान’ मुरादाबाद यूनिट की लॉन्चिंग के साथ ही उन्होंने संस्थान ज्वाइन किया और तब से निरंतर यहीं कार्यरत हैं।
करियर की शुरुआत में उन्होंने शिक्षा, मनोरंजन और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग की। ‘हिन्दुस्तान’ में शुरुआत से ही उन्होंने स्वास्थ्य, उद्योग और कारोबार से जुड़े क्षेत्रों में विशेष रूप से काम किया। पिछले 14 वर्षों से स्वास्थ्य और इंडस्ट्री बीट पर उनकी गहरी और निरंतर सक्रियता रही है।
करियर का सफर
सामान्य शैक्षणिक पढ़ाई के बाद उन्होंने व्यावसायिक दृष्टिकोण से पत्रकारिता को चुना। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर डिग्री तथा रुहेलखंड विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन एवं इलेक्ट्रॉनिक जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया।
स्वास्थ्य क्षेत्र की बारीकियों को समझने और उन्हें सरल, उपयोगी तथा जागरूकता बढ़ाने वाले समाचारों के रूप में प्रस्तुत करना उनकी विशेष रुचि रही है। लगातार अनुभव के साथ उन्होंने पाठकों तक तथ्यपरक, शोधपरक और उपयोगी जानकारी पहुंचाने की अपनी क्षमता को और मजबूत किया।
मुरादाबाद की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार निर्यात उन्मुख उद्योग है। इस कारण इंडस्ट्री, निर्यात, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय बाजार के प्रभाव जैसे विषयों पर उनकी पकड़ मजबूत हुई है। स्वास्थ्य और उद्योग-दोनों ही क्षेत्रों में एक्सक्लूसिव, इनोवेटिव और जनहितकारी खबरों की खोज और प्रस्तुति उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है।
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फिटनेस, बीमारियों की गंभीरता और प्रिवेंटिव केयर
स्वास्थ्य क्षेत्र में समय के साथ हो रहे बदलावों का विश्लेषण
मुरादाबाद की निर्यात आधारित इंडस्ट्री पर विस्तृत रिपोर्टिंग
अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य का स्थानीय उद्योग पर प्रभाव
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