एमजीएम में मरीजों के खून सैंपल की नहीं होगी अदला-बदली
एमजीएम अस्पताल की सेंट्रल पैथोलॉजी लैब में नया ट्यूब लेबलिंग सिस्टम शुरू होगा। यह सिस्टम मरीजों के खून एवं अन्य जांच सैंपल की अदला-बदली को रोकेगा। अस्पताल प्रबंधन नई तकनीक की मशीनें खरीदने की भी योजना बना रहा है ताकि जांच और रिपोर्टिंग प्रक्रिया को सुरक्षित और तेज बनाया जा सके।

एमजीएम अस्पताल की सेंट्रल पैथोलॉजी लैब में जल्द ही ट्यूब लेबलिंग सिस्टम शुरू होगा। इससे मरीजों के खून एवं अन्य जांच सैंपल की अदला-बदली रोकने में सहूलियत होगी। अस्पताल एवं कॉलेज प्रबंधन पैथोलॉजी में नई व्यवस्था लागू करने में जुटे हैं। इसके अलावा एमजीएम अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग को और हाईटेक बनाने के लिए कई तरह की मशीन खरीदने की योजना है। अभी अस्पताल में ट्यूब लेबलिंग सिस्टम की आपूर्ति एवं सेटअप तैयार करने योग्य एजेंसी की तलाश शुरू है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य मरीजों की सैंपल की पहचान से लेकर जांच और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया को सुरक्षित और अधिक व्यवस्थित करना है, ताकि मरीजों के रिपोर्ट में गड़बड़ी की आशंका न रहे।
सूचना के अनुसार, एमजीएम की पैथोलॉजी में रोज एकत्रित करीब सौ से ज्यादा मरीजों के खून, मल, पेशाब एवं अन्य तरह के सैंपल की जांच करने और रिपोर्ट तैयार करने में तकनीशियन समेत स्वास्थ्य कर्मचारियों को दिक्कत न हो। सेंट्रल पैथोलॉजी लैब में ट्यूब लेबलिंग सिस्टम शुरू होने से सैंपल की जांच और पहचान में सहूलियत होगी। नई तकनीक की मशीनों से मरीजों को कम समय में जांच रिपोर्ट मिल सकेगा।


