मेटा केस हारा तो हमेशा के लिए बदल जाएगा इंस्टाग्राम और फेसबुक
नोट: ट्रायल की मुख्य खबर के साथ लगा सकते हैं। 29 अमेरिकी राज्यों

नोट: ट्रायल की मुख्य खबर के साथ लगा सकते हैं। 29 अमेरिकी राज्यों ने ठोका है 1 ट्रिलियन डॉलर का दावा
मंगलवार से ट्रायल शुरू हो रहा
वाशिंगटन, एजेंसी। सोशल मीडिया दिग्गज 'मेटा' बच्चों के प्राइवेसी कानूनों के उल्लंघन और उनकी मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचाने के मामले में अब तक की सबसे बड़ी अदालती चुनौती का सामना कर रहा है। यदि मेटा इस केस को हार जाता है, तो न केवल उस पर 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का जुर्माना लग सकता है, बल्कि इंस्टाग्राम और फेसबुक का चेहरा हमेशा के लिए बदल जाएगा।
कैलिफोर्निया में शुरू हुआ ट्रायल
कैलिफोर्निया के ओकलैंड में मंगलवार से शुरू हुए मुकदमे में चार प्रमुख अमेरिकी राज्य वादी हैं। इनमें कैलिफोर्निया, कोलोराडो, केंटकी और न्यू जर्सी शामिल हैं। इन राज्यों ने 2023 में मेटा के खिलाफ केस दर्ज कराया था। बाकी 25 राज्यों में मामले की सुनवाई बाद में होगी। ये राज्य वित्तीय हर्जाने की मांग कर रहे हैं। आरोप है कि उसने जानबूझकर ऐसे फीचर्स बनाए हैं जिनकी वजह से बच्चे आदी हो जाते हैं और युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य का संकट पैदा हुआ है। मेटा ने कहा कि वह इन आरोपों को नहीं मानती। अटॉर्नी जनरल के अनुसार, अगर मेटा दोषी पाया जाता है, तो हर्जाने की रकम 200 अरब डॉलर तक हो सकती है।
राज्यों की मुख्य मांगें
अदालत से मांग की गई है कि वह मेटा को अपने प्लेटफॉर्म्स के बुनियादी डिजाइन और फीचर्स में बड़े बदलाव करने का आदेश दे-
लाइक खत्म: लाइक की संख्या को पूरी तरह से हटाना ताकि युवाओं में एक-दूसरे से तुलना करने की होड़ खत्म हो सके।
बिना रुके स्क्रोल और ऑटोप्ले पर रोक: वीडियो के अपने आप चलने और लगातार नीचे स्क्रॉल होने वाले फीचर को बंद करना।
एल्गोरिदम में बदलाव: दिमाग में लत पैदा करने वाले एल्गोरिदम को बदलना।
फिल्टर्स और गायब होने वाली पोस्ट्स पर प्रतिबंध: चेहरे की बनावट बदलने वाले ब्यूटी फिल्टर्स और 'इन्स्टाग्राम स्टोरीज' जैसी गायब होने वाली पोस्ट्स को बंद करना।
सख्त नियंत्रण: किशोरों के लिए माता पिता का सत्यापन अनिवार्य करना, नोटिफिकेशन की समय सीमा तय करना और एक से अधिक अकाउंट बनाने पर रोक लगाना।
क्यों उठाए जा रहे हैं ये कदम?
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, खुद मेटा की अपनी रिसर्च में यह बात सामने आई थी कि 'लाइक' काउंट्स युवाओं में अकेलेपन, बॉडी इमेज की चिंताओं और अवसाद को बढ़ाते हैं। कोर्ट में एक मामला सामने आया जहां एक 9 साल की बच्ची ने खुद को सही साबित करने और लाइक पाने के लिए दर्जनों फर्जी अकाउंट बनाए थे, जिसके बाद वह 10 साल की उम्र में डिप्रेशन का शिकार हो गई।
कोर्ट सख्त
हाल ही में न्यू मैक्सिको के एक जज ने मेटा पर 942 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया था और कहा था कि कंपनी वैसी ही है जैसे कोई फैक्ट्री हवा को प्रदूषित करती है। जज ने मेटा को जुर्माने के साथ 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए प्रति माह 90 घंटे की समय सीमा, एआई चैटबॉट पर प्रतिबंध और चेतावनी संदेश जारी करने जैसी सख्त शर्तें तय कीं। हालांकि, मेटा ने इस फैसले के खिलाफ अपील करने की बात कही है।
मेटा के खिलाफ अन्य मुकदमे
-टेनेसी के अटॉर्नी जनरल ने अपने स्थानीय कोर्ट में मेटा के खिलाफ अलग से मुकदमा शुरू किया है। उनका तर्क है कि मेटा यह अच्छी तरह जानती है कि इंस्टाग्राम के कौन-से फीचर्स बच्चों को आदी बनाते हैं, फिर भी सुरक्षा को लेकर झूठ बोला गया।
- साल लॉस एंजिल्स में सोशल मीडिया एडिक्शन से जुड़े केस में जूरी ने मेटा और यूट्यूब को दोषी पाया। कोर्ट ने पीड़ित को 6 मिलियन डॉलर का मुआवजा देने का आदेश दिया।
-अमेरिका के 1200 से अधिक स्कूल जिलों ने सोशल मीडिया कंपनियों पर केस दर्ज किए हैं। स्कूलों का कहना है कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य संकट से निपटने में उनका भारी बजट खर्च हो रहा
मेटा का तर्क
मेटा ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वह युवाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और अदालत में यह साबित करेगा कि उसने हमेशा विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम किया है। हाल ही में मेटा के मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई, जिसका एक बड़ा कारण लगभग 2.4 अरब डॉलर का कानूनी खर्च रहा।
इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों ने की है कार्रवाई
ऑस्ट्रेलिया: 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया है और नियमों का उल्लंघन करने पर मेटा पर लगभग ₹1100 करोड़ जुर्माने का प्रावधान
ब्रिटेन: बच्चों को साइबर बुलिंग, सेल्फ-हार्म और आत्महत्या जैसी सामग्री से न बचा पाने के लिए जांच और मुकदमों की कार्रवाई
यूरोपीय संघ : बच्चों के डाटा का विज्ञापनों के लिए अवैध इस्तेमाल करने पर अरबों यूरो का जुर्माना ठोक चुका है और लत लगाने वाले फीचर्स के खिलाफ अदालती केस चला रहा है।


