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मेघालय हादसा: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा-खदान अवैध, नक्शा नहीं होने से आ रही हैं दिक्कतें

This undated file handout photo from the Indian National Disaster Response Force released to AFP on

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि खदान का कोई खाका नहीं होने के कारण मेघालय में फंसे 15 खनिकों को बचाने में दिक्कतें आ रही हैं। केंद्र ने न्यायालय को बताया कि अवैध खदान नदी के निकट स्थित है; पानी रिसने के कारण बचाव अभियान बाधित हो रहा है। कोर्ट ने केंद्र, अन्य प्राधिकारियों को बचाव अभियान की प्रगति और उठाए गए कदमों के बारे में स्थिति रिपोर्ट सात जनवरी को दायर करने का आदेश दिया है। 

 

 

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इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय सरकार से गुरुवार को कहा कि 13 दिसंबर से अवैध कोयला खदान में फंसे 15 मजदूरों को निकालने के लिए अब तक उठाए गए कदमों से वह संतुष्ट नहीं है। जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की पीठ ने मेघालय सरकार से पूछा कि इन लोगों को निकालने में वह सफल क्यों नहीं रही। राज्य की ओर से पेश हुए वकील ने अदालत को बताया कि उन्होंने बचाव अभियान के लिए पर्याप्त कदम उठाए हैं और केंद्र भी उनकी सहायता कर रहा है। पीठ ने कहा, “हम संतुष्ट नहीं हैं। यह जीवन-मरण का सवाल है।”

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पीठ ने इन लोगों को निकालने के लिए शीघ्र कदम उठाने की मांग करने वाले याचिकाकर्ता आदित्य एन प्रसाद से केंद्र के विधि अधिकारी को बुलाने के लिये कहा ताकि उचित आदेश तत्काल दिया जा सके। पीठ आज दिन में भी इसकी सुनवाई जारी रखेगी। मेघालय के पूर्वी जयंतिया पर्वतीय जिले में पहाड़ी के शीर्ष पर स्थित इस खदान में पास की लितेन नदी का पानी भर गया था जिसके बाद खदान में काम कर रहे मजदूर अंदर ही फंस गए थे।

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  • Web Title:Meghalaya miners rescue case govt tells SC that the mine is illegal