साइबर ठगों पर मेरठ पुलिस का डिजिटल वार, 365 पीड़ितों को लौटाए 1.90 करोड़
मेरठ पुलिस ने वर्ष 2026 में साइबर अपराध के खिलाफ बड़े अभियान के तहत 365 ठगों को 1.90 करोड़ रुपये वापस दिलाए। 40 आरोपियों की गिरफ्तारी और 1382 मोबाइल नंबर, 2179 आईएमईआई ब्लॉक किए गए। 3203 शिकायतों का निस्तारण और 5.20 लाख रुपये, एक बाइक, 24 मोबाइल फोन जैसे उपकरण बरामद किए गए।

साइबर अपराध के खिलाफ मेरठ पुलिस ने वर्ष 2026 में बड़ा अभियान चलाते हुए ठगी के शिकार 365 लोगों को करीब 1.90 करोड़ रुपये वापस दिलाए। इसके साथ ही साइबर गिरोहों पर शिकंजा कसते हुए 40 मुकदमों में 40 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने साइबर अपराधियों की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए 1382 मोबाइल नंबर और 2179 आईएमईआई भी ब्लॉक कर दिए।
साइबर सेल और हेल्प डेस्क की कार्रवाई
जनपद साइबर सेल और सभी थानों की साइबर हेल्प डेस्क की संयुक्त कार्रवाई में एमआरएम पोर्टल के माध्यम से 136 पीड़ितों को 11.44 लाख रुपये तथा बैंकों के समन्वय से 229 पीड़ितों को 1.78 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि वापस कराई गई। समय रहते बैंक खातों को होल्ड कराकर बड़ी रकम साइबर ठगों तक पहुंचने से पहले ही सुरक्षित करा ली गई।
समर्थन प्रणाली और शिकायत निस्तारण
साइबर अपराधों की निगरानी के तहत एनसीआरवी पोर्टल पर दर्ज 3203 शिकायतों का निस्तारण किया। वहीं जीआरएम पोर्टल के जरिए 29 बैंक खातों को अनफ्रीज कराया गया। बच्चों और महिलाओं से संबंधित ओसीडब्ल्यूसी पोर्टल पर तीन मुकदमे दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि 113 शिकायतों का निस्तारण करते हुए 4.16 लाख की बरामदगी कराई गई। नाबालिगों से जुड़े 122 मामलों का भी सफल निस्तारण किया। प्रतिबिंब पोर्टल से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर 30 मुकदमे दर्ज कर 31 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
सामान और उपकरण की बरामदगी
इस दौरान 5.20 लाख रुपये, एक बाइक, 24 मोबाइल फोन, 25 सिम कार्ड, एक राउटर, पांच एटीएम कार्ड, 16 पासबुक और बिलबुक समेत अन्य उपकरण बरामद किए गए। म्यूल बैंक खातों के खिलाफ चलाए अभियान में आठ मुकदमे दर्ज कर नौ आरोपियों पर कार्रवाई की गई। एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने लोगों से अपील की गई कि किसी भी ऑनलाइन ठगी की स्थिति में साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
सामान्य प्रश्न
इस खबर पर आपकी क्या राय है?
लेखक के बारे में
Vinay Sharmaशॉर्ट बायो :
विनय शर्मा बीते 16 साल से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान मेरठ में वेस्ट यूपी में क्राइम बीट संभाल रहे हैं। वह मेरठ में क्राइम टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव :
विनय शर्मा प्रिंट मीडिया में प्रतिष्ठित नाम हैं और पत्रकारिता में 16 साल का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान की मेरठ यूनिट में बतौर चीफ क्राइम रिपोर्टर कार्यरत हैं। हिन्दुस्तान में वर्ष 2016 से लगातार कार्यरत हैं और अपराध की बड़ी घटनाओं की कवरेज में मजबूत पकड़ रखते हैं।
कॅरियर का सफर :
विनय शर्मा ने अपना कॅरियर वर्ष 2010 में दैनिक जागरण से शुरू किया। यहीं से उन्होंने पत्रकारिता के बुनियादी सिद्धांतों को समझा। वर्ष 2016 में हिन्दुस्तान मीडिया से जुड़े और वेस्ट यूपी में काम शुरू किया। फिलहाल में वेस्ट यूपी में क्राइम संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
ग्रेजुएशन और मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट होने के बाद दैनिक जागरण में ज्वाइन किया। क्राइम की घटनाओं की कवरेज के साथ ही साफ्ट स्टोरी कवरेज भी कर रहे हैं।
विजन
अपराध और आतंकी घटनाओं की कवरेज में विनय शर्मा को गहरी समझ है। इन्होंने कई बड़े प्रकरण में एक्सक्लूसिव और ब्रेकिंग खबरें दी हैं। साथ ही कई बड़े मामलों में कवरेज भी दी है। विनय शर्मा का लक्ष्य है कि प्रमाणिक तथ्यों के आधार पर पाठकों तक सही और सटीक जानकारी पहुंचाई जाए।
विशेषज्ञता
अपराध, एंटी करप्शन, ईओडब्ल्यू, सीआईडी, सीबीआई और एंटी टेररिस्ट स्क्वायड समेत जेल बीट कवरेज।
और पढ़ें

