एसीजेएम कोर्ट संख्या 9 का एक सप्ताह बहिष्कार का ऐलान
मेरठ बार एसोसिएशन ने एसीजेएम कोर्ट संख्या 9 के पीठासीन अधिकारी के कार्य व्यवहार के विरोध में एक सप्ताह तक बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि न्यायालय ने आरोपी की जमानत प्रक्रिया में देरी की है, जिसके कारण आरोपी को अनावश्यक समय जेल में बिताना पड़ रहा है।

मेरठ बार एसोसिएशन ने न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) कोर्ट संख्या 9 के पीठासीन अधिकारी आशुतोष प्रशांत शुक्ला के कार्य व्यवहार के विरोध में संबंधित न्यायालय का एक सप्ताह तक बहिष्कार करने का फैसला किया है। मेरठ बार एसोसिएशन के महामंत्री परवेज आलम ने बताया कि बार के सदस्य सुरेश पाल सिंह एडवोकेट के एक मुकदमे में न्यायालय ने छोटी धाराओं के मामले में 30 हजार के जमानती भरने का आदेश दिया था। इस आदेश के कारण आरोपी को अनावश्यक रूप से अधिक समय जेल में बिताना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि जब उन्होंने न्यायालय से परवाना भेजने का आग्रह किया, तो पीठासीन अधिकारी ने इनकार कर दिया।
न्यायाधीश का कहना था कि पहले जमानतियों का सत्यापन किया जाएगा, उसके बाद ही रिहाई परवाना भेजा जाएगा। इस मामले को लेकर बार अध्यक्ष अनुज कुमार शर्मा और महामंत्री परवेज आलम के नेतृत्व में पदाधिकारी न्यायालय पहुंचे।उन्होंने पीठासीन अधिकारी को अवगत कराया कि आरोपी पर लगे मुकदमे में अधिकतम 3 साल की सजा का प्रावधान है और वह पहले ही 6 दिन से जेल में बंद है। सत्यापन की प्रक्रिया में और देरी होने से आरोपी को और अधिक समय जेल में काटना पड़ेगा, जो न्यायोचित नहीं है। अधिवक्ताओं के अनुसार, न्यायालय ने उनकी बातों पर कोई विचार नहीं किया। न्यायालय के इस रवैये से आक्रोशित होकर मेरठ बार एसोसिएशन ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस सभागार में प्रबंध समिति की आपातकालीन बैठक बुलाई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि एसीजेएम कोर्ट संख्या 9 का अगले एक सप्ताह तक पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा।


