बसपा सुप्रीमों ने जिलों के नामकरण के बाहने सपा को घेरा
लखनऊ में बसपा अध्यक्ष मायावती ने सपा पर जिलों के नाम बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बसपा सरकार ने संत रविदास नगर और अन्य जिलों का नामकरण किया था, लेकिन सपा सरकार ने इसे जातिवादी सोच के तहत बदला। मायावती ने सरकार से महापुरुषों के नाम पर बने जिलों के नाम और बहाल करने की अपील की।

लखनऊ। बसपा राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने जिलों के नामकरण मुद्दे पर समाजवादी पार्टी को घेरा है। उन्होंने कहा बसपा सरकार ने ही भदोही को जिला मुख्यालय का दर्ज देते हुए संतरविदास नगर जिला स्थापित किया था। जिसे समाजवादी पार्टी की सरकार ने संकीर्ण मासिकता के तहत बदल दिया था। अब फिर से संत रविदास नगर जिला स्थापित कर दिया है, जिसके लिए पार्टी राज्य सरकार की आभारी है।सोशल मीडिया एक्स पर मायवती ने लिखा है कि यूपी में रही बसपा की चारों सरकारों ने जिले, तहसील, विकास खंड, पुलिस जोन तथा रेंज बनाए थे। उनमें से कई जिलों के नाम दलित व अन्य पिछड़े वर्गों के संतो, गुरुओं तथा महापुरुषों के नाम पर रखे गए थे।
इसी क्रम में संत रविदास नगर, छत्रपति शाहू जी महराज नगर, भीम नगर आदि जिले बने। सपा सरकार ने केवल अपनी जातिवादी सोच, द्वेष तथा संकीर्ण राजनीति के कारण बदल दिए। कासगंज को कांशीराम जी के नाम पर जिला बनाया गया, जिसका भी नाम सपा सरकार ने अपने पीडिए-पिछड़ा दलित व अक्लियत विरोधी रवैए के कारण बदल दिया। उन्होंने कहा है कि संतरविदास नगर की तरह प्रदेश सरकार मान्यवर कांशीराम व अन्य महापुरुषों के नाम पर बनाए गए जिलों का नाम बहाल कर दे तो बसपा आभारी रहेगी। यह कार्य अगर कांशीराम के 9 अक्तूबर के परिनिर्वाण दिवस से पहले या उसी दिन कर दिया जाए तो बसपा आभारी रहेगी।


