संसद के मानसून सत्र में गर्माएगा राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का प्रकरण : मायावती
- बसपा सुप्रीमो ने की महंगाई-बेरोजगारी समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग -

लखनऊ, विशेष संवाददाता
बसपा सुप्रीमो मायावती ने रविवार को राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले को लेकर भाजपा सरकार को घेरने के साथ ही संसद के पिछले सत्र में हंगामे-स्थगन की स्थिति को लेकर दूसरे दलों पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सोमवार को संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है, जिसमें चढ़ावे में चोरी के प्रकरण के गर्माने की उम्मीद है। प्रकरण की जांच के लिए गठित एसआईटी सोमवार को ही अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर सकती है। इससे पहले मायावती ने इस मामले को उठाकर आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी राह आसान करने का दांव चला है。
संसद सत्र की चर्चा
बसपा सुप्रीमो ने अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर लिखा कि संसद का मानसून सत्र सोमवार को शुरू हो रहा है। सवाल उठाया कि एक बार फिर यह देश व आमजन की चिंता है कि क्या इस बार भी फिर से संसद का सत्र हंगामे और स्थगन की भेंट चढ़ जाएगा या फिर जबरदस्त महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, महिला असुरक्षा, महत्वपूर्ण परीक्षाओं के भी पेपरलीक तथा देश के ऐसे अन्य ज्वलंत मुद्दों से उत्पन्न आक्रोश और आंदोलन के माहौल को शांत करने तथा उनके संतोषजनक समाधान के लिए गंभीरता दिखाई जाएगी। कहा कि खासकर अयोध्या श्रीराम मंदिर में चढ़ावा की चोरी, हेराफेरी व गबन को लेकर व्यापक जन आक्रोश ने भी यूपी तथा देश को काफी झकझोर कर रख दिया है। लोग धर्म का चुनावी स्वार्थ के लिए राजनीतिकरण करने वालों को इसके लिए कठघरे में खड़ा करके उनसे दिल दुखाने की जवाबदेही मांग रहे हैं। इसकी गूंज सड़कों से लेकर अदालत तक में है और संसद में भी यह मुद्दा जरूर गर्म होगा, जिस पर लोगों की पैनी नजर है।
महिला असुरक्षा और भ्रष्टाचार के मुद्दे
मायावती ने कहा कि इतना ही नहीं बल्कि बंगाल में विधानसभा आमचुनाव के बाद के हालात, राजस्थान में सरकार की लापरवाही के कारण गर्भवती महिलाओं की मौत सहित विभिन्न राज्यों में बढ़ती महिला असुरक्षा, काफी आपाधापी में दी जाने वाली चुनावी रेवड़ियों में भारी गड़बड़ी, सरकारी योजनाओं आदि में चर्चित भ्रष्टाचार, पुलिस मुठभेड़ का प्रचलन, वर्षों से बसे-बसाये लोगों को उजाड़ कर उनकी कालोनियों का ध्वस्तीकरण जैसे सरकारी रवैयों से चरमराई संविधान की जनकल्याणकारी व्यवस्था के सवाल भी सदन में उठेंगे।
सत्ता और विपक्ष की भूमिका
मायावती ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था और यहां के जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित करता अमेरिका-इजराइल का ईरान के विरुद्ध लगातार युद्ध और रुपये का अवमूल्यण आदि देश व जनहित के ऐसे खास मुद्दे हैं, जिन पर राजनीतिक द्वेष, स्वार्थ व आरोप-प्रत्यारोप की संकीर्णता, वैमनस्य को त्यागकर सत्ता और विपक्ष दोनों को एकजुट होकर अच्छा उपाय ढूंढ कर सराहनीय कार्य करना होगा। कहा कि देश को त्रस्त करने वाली इन भारी चुनौतियों तथा उनके प्रति चेतावनियों को ध्यान में रखकर संसद के मानसून सत्र को बिना किसी उत्तेजना, रोष व विद्वेष के सुचारू और शांतिपूर्ण ढंग से स्वास्थ्य लोकतांत्रिक परंपरा के अनुरूप चलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।


