यूपीटीईटी के परिणाम पर मिली सवा लाख आपत्तियां
प्रयागराज में यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 2026 के परिणाम पर सवा लाख से अधिक आपत्तियां आई हैं। रिजेक्ट होने वाले अभ्यर्थियों ने आयोग से सहानुभूति के साथ विचार करने की अपील की है। आयोग ने आपत्तियों के समाधान के लिए समिति गठित की है और 10 सितंबर तक ऑनलाइन आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को पांच साल बाद पहली बार आयोजित उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 2026 के परिणाम पर लगभग सवा लाख आपत्तियां मिली हैं। 26 अगस्त को परिणाम घोषित होने के बाद असफल हजारों अभ्यर्थी ई-मेल, पंजीकृत डाक और स्वयं आयोग पर उपस्थित होकर आपत्ति करने लगे। अधिकांश अभ्यर्थियों ने ओएमअर शीट का गोला न भरने के कारण परिणाम रिजेक्ट होने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का अनुरोध किया है। वहीं बड़ी संख्या में उन अभ्यर्थियों ने प्रत्यावेदन दिया है जो नॉर्मलाइजेशन लगने के बाद एक-दो अंक या एक से भी कम अंक से फेल हो गए हैं।
इस पर आयोग ने प्रत्यावेदनों के निराकरण के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित करते हुए अभ्यर्थियों से दस सितंबर तक केवल ऑनलाइन आपत्तियां मांगी थी। ऑनलाइन आपत्तियां दर्ज करने की सूचना जारी होने से पहले आयोग को तकरीबन 20 हजार अभ्यर्थियों ने डाक से और स्वयं उपस्थित होकर आपत्तियां जताई थी। इसके अलावा एक लाख दो हजार आपत्तियां ऑनलाइन मिली है। हालांकि इनमें कई अभ्यर्थियों ने तीन-चार आपत्तियां दर्ज की है। डाक से और स्वयं उपस्थित होकर प्रत्यावेदन देने वाले अधिकांश अभ्यर्थियों ने ई-मेल से ऑनलाइन प्रत्यावेदन भी भेजा है। चयन आयोग के पीआरओ डॉ. संजय कुमार सिंह के अनुसार दस सितंबर तक प्राप्त आपत्तियों का ही निराकरण किया जाएगा।


