ऑपरेशन ‘साइबर वज्र’ में 11 ठग गिरफ्तार
‘ऑपरेशन साइबर वज्र’ के तहत पुलिस ने देशव्यापी साइबर ठगी नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। र

आजमगढ़, संवाददाता। 'ऑपरेशन साइबर वज्र' के तहत आजमगढ़ पुलिस ने देशव्यापी साइबर ठगी नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज 684 से अधिक शिकायतों के विश्लेषण के बाद पुलिस ने 13 प्राथमिकी दर्ज कीं और साइबर ठगी से जुड़े 10.46 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज कराए। सीओ सिटी शुभम तोदी ने रविवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक कार, दो मोटरसाइकिल, आईफोन-16 सहित 13 हाई-एंड मोबाइल फोन, एक विदेशी सिम कार्ड, 14 एटीएम व डेबिट कार्ड, चार ब्लैंक चेकबुक, 10,520 रुपये नकद, फर्जी आधार, पैन व मतदाता पहचान पत्र, विभिन्न फर्जी कंपनियों की रबर मुहरें तथा मालदीव वर्क परमिट से संबंधित कूटरचित दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
साइबर ठगी के संगठित मॉड्यूल
उन्होंने बताया कि पूछताछ और डिजिटल जांच में साइबर ठगी के कई संगठित मॉड्यूल का खुलासा हुआ है। आरोपी फर्जी कंपनियां बनाकर म्यूल बैंक खातों का संचालन करते थे। जांच में इन खातों में मात्र तीन दिनों के भीतर करीब 40 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन के साक्ष्य मिले हैं। इसके अलावा मालदीव में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी वर्क परमिट तैयार कर बेरोजगार युवकों से ठगी, टेलीग्राम के माध्यम से गेमिंग और प्रेडिक्शन फ्रॉड तथा सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री उपलब्ध कराने के नाम पर ब्लैकमेलिंग जैसे मामलों का भी खुलासा हुआ है। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि साइबर अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
बायोमैट्रिक क्लोन से ठगी
बायोमैट्रिक क्लोन से साइबर ठगी की रकम निकालने वाला आरोपी गिरफ्तार
सीओ सदर आस्था जायसवाल ने बताया कि साइबर सेल और गंभीरपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने आधार आधारित बैंकिंग प्रणाली (एईपीएस) का दुरुपयोग कर साइबर ठगी की रकम निकालने वाले आरोपी यश विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया है। वह गंभीरपुर थाना क्षेत्र के दयालपुर गांव का निवासी है। आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, बायोमैट्रिक क्लोन के रूप में इस्तेमाल किया जाने वाला कूटरचित रबर का अंगूठा, एक एटीएम कार्ड, एक बायोमैट्रिक मशीन, एक मोबाइल पीओएस मशीन, 1,750 रुपये नकद तथा एक टीवीएस एक्सएल-100 वाहन बरामद किया गया। 11 जुलाई को साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक रवि प्रकाश गौतम और गंभीरपुर थाना पुलिस प्रतिबिंब पोर्टल पर प्राप्त संदिग्ध बैंक खातों एवं एटीएम हॉटस्पॉट की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।


