नकल कराने का मास्टर माइंड प्रमोशन पाकर अनुदेशक से बना था फोरमैन
नोट- प्रयागराज के ध्यानार्थ नकल कराने का मास्टर माइंड प्रमोशन पाकर अनुदेशक से बना था फोरमैन नकल कराने का मास्टर माइंड प्रमोशन पाकर अनुदेशक से बना थ

बांदा, कार्यालय संवाददाता राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) नैनी में चल रही अखिल भारतीय व्यावसायिक परीक्षा में सॉल्वर गैंग के जरिए बड़े स्तर पर नकल कराने के संगठित खेल का एसटीएफ ने पर्दाफाश किया है। बीते दिन एसटीएफ की छापेमारी में संस्थान के प्रधानाचार्य, परीक्षा प्रभारी और चार अनुदेशकों सहित कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके तार बांदा से भी जुड़े हैं। मुख्य आरोपी मास्टर माइंड अनुदेशक से फोरमैन बना धीरंजन कुमार राजकीय आईटीआई बांसी अतर्रा बांदा में तैनात है।
गिरफ्तार लोग
आरोप है कि परीक्षार्थियों से चार-चार हजार रुपये लेकर उनकी जगह सॉल्वर बैठाकर ऑनलाइन परीक्षा दिलाई जा रही थी। छापेमारी में पांच लाख दस हजार रुपये नकद समेत परीक्षा से जुड़े दस्तावेज, कंप्यूटर सिस्टम, मोबाइल और अन्य सामग्री बरामद की गई। एसटीएफ अब गिरोह के मास्टर माइंड धीरंजन कुमार समेत अन्य की तलाश में जुटी है। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बांसी अतर्रा के प्रधानाचार्य रवि त्रिपाठी ने बताया कि धीरंजन कुमार करीब दो माह पहले नैनी आईटीआई से प्रमोशन पाकर अनुदेशक से फोरमैन बनन पर उसका यहां स्थानांतरण हुआ था। मौजूदा में वह अर्जित अवकाश पर था। समाचार पत्रों के माध्यम से ही उन्हें भी जानकारी मिली है। अभी कोई उनके पास इस संबंध में पत्र नहीं आया है। अगर कोई पत्र प्राप्त होता है तो निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।


