तिमाही नतीजे तय करेंगे बाजार की चाल
शेयर बाजार की चाल इस सप्ताह कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजों, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों से तय होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून, खरीफ फसलों की बुवाई और एफआईआई गतिविधियों पर भी नजर रहेगी। इस सप्ताह कई बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे जारी होंगे।

नई दिल्ली, एजेंसी। शेयर बाजार की चाल इस सप्ताह कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजों, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों से तय होगी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इन तीन प्रमुख कारकों के अलावा मानसून की प्रगति, खरीफ फसलों की बुवाई और विदेशी निवेशकों (एफआईआई) की गतिविधियों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। विश्लेषकों ने कहा कि इस सप्ताह घरेलू कंपनियों के तिमाही नतीजे और वैश्विक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि मानसून और खरीफ बुवाई का असर ग्रामीण मांग, खाद्य महंगाई और भारतीय रिजर्व बैंक की आगे की मौद्रिक नीति पर पड़ सकता है।
इस सप्ताह के महत्वपूर्ण नतीजे
वहीं, इस सप्ताह कई बड़ी कंपनियां अपने अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें इन्फोसिस, पेटीएम (वन97 कम्युनिकेशंस), अल्ट्राटेक सीमेंट, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस, बजाज ऑटो, अदाणी ग्रीन एनर्जी, अदाणी पावर, बीपीसीएल, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, इंडसइंड बैंक, जेएसडब्ल्यू एनर्जी, नेस्ले इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस शामिल हैं। इन कंपनियों के नतीजे संबंधित शेयरों की चाल तय कर सकते हैं। सोमवार को निवेशकों की नजर रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और एक्सिस बैंक के शेयरों पर रहेगी। इन कंपनियों ने पिछले सप्ताह अपने तिमाही नतीजे घोषित किए हैं।
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विदेशी पोर्टफोलियो निवेश
एफपीआई ने 22,868 करोड़ रुपये का निवेश किया
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने भारतीय पूंजी बाजार में जुलाई में अब तक 22,868 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है। शुद्ध निवेश बाजार में लगायी गयी पूंजी और बाजार से निकाली गयी पूंजी का अंतर होता है। यह लगातार दूसरा महीना है जब एफपीआई बाजार में लिवाल बने हुए हैं। इससे पहले जून में उन्होंने 4,699 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था। एफपीआई ने एक जुलाई से 17 जुलाई तक इक्विटी में 11,897 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है। डेट, हाइब्रिड उपकरणों और म्यूचुअल फंड में भी वे लिवाल रहे हैं। डेट में एफपीआई का शुद्ध निवेश 9,114 करोड़ रहा। हाइब्रिड उपकरणों में उन्होंने 83 करोड़ रुपये और म्यूचुअल फंड में 923 करोड़ रुपये का निवेश किया। एफपीआई ने इस साल भारतीय पूंजी बाजार से शुद्ध रूप से 1,91,353 करोड़ रुपये निकाले हैं। इसमें इक्विटी में उनका निवेश 2,62,376 करोड़ रुपये कम हुआ है। वहीं, डेट और म्यूचुअल फंड में उन्होंने और पैसा लगाया है।


