कंगना रनौत की हां पर बनी मेरी पहली फिल्म : मनोज तापड़िया
प्रयागराज। मनोज तापड़िया की फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' का प्रीमियर नाजरेथ अस्पताल में हुआ। यह फिल्म 26/11 मुंबई हमले के दौरान नर्सों के साहस पर आधारित है। कंगना रनौत ने हेड नर्स की भूमिका के लिए सहमति दी। फादर विपिन ने कहा कि इस प्रकार की फिल्में सामाजिक महत्व को दर्शाती हैं।
प्रयागराज। ध्रुव शंकर तिवारी बॉलीवुड के मशहूर पटकथा लेखक व गीतकार मनोज तापड़िया गुरुवार को प्रयागराज पहुंचे। नाजरेथ अस्पताल के निदेशक फादर विपिन के आमंत्रण पर उन्होंने अपने निर्देशन में बनी पहली फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ अस्पताल की नर्सिंग छात्राओं के साथ देखी। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान से खास बातचीत में मनोज तापड़िया ने बताया कि यह फिल्म 26/11 मुंबई हमले के दौरान कामा अस्पताल की नर्सों के साहस पर आधारित है। इसमें हेड नर्स की भूमिका निभाने के लिए अगर अभिनेत्री कंगना रनौत हां नहीं करती तो निर्देशक के रूप में मेरी पहली फिल्म नहीं आती.
फिल्म के बारे में जानकारी
निर्देशक ने बताया कि जब मैंने अभिनेत्री से फिल्म की कहानी के बारे में बताया तो उन्होंने फौरन हां कर दिया। उस समय अभिनेत्री ने कहा कि नर्सों की भूमिका समाज में बहुत बड़ी होती है। ऐसे विषय पर फिल्में बहुत कम देखने को मिलती है। जिसकी कहानी एक अस्पताल और नर्स के जीवन पर है। मनोज तापड़िया ने बताया कि 12 जून को फिल्म देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। जून माह में पेद्दी, गर्वनर, कॉकटेल पार्ट दो, वेलकम टू द जंगल सहित आधा दर्जन से अधिक फिल्में रिलीज हुई थी, इसलिए दर्शकों की संख्या उम्मीद से कम दिखाई दे रही है.
फादर विपिन की टिप्पणी
ऐसा लगा जैसा अपना अस्पताल है : फादर विपिन. अस्पताल के सभागार में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। अस्पताल के निदेशक फादर विपिन ने कहा कि मैंने नर्सों के जीवन पर पहली बार इस तरह की फिल्म देखी है। पूरी फिल्म में अस्पताल की सीन है। ऐसा लगा जैसे कोई अपना अस्पताल है। जहां नर्सों के सेवा व समर्पण को देशभर में दिखाया गया है। निदेशक ने उन्हें अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। इस दौरान कई छात्राओं ने फिल्म से जुड़े अनुभवों को साझा किया.


