ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News देशमणिपुर में फिर भड़की हिंसा, गोलीबारी में दो लोगों की मौत, बीजेपी नेता सहित 5 घायल

मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, गोलीबारी में दो लोगों की मौत, बीजेपी नेता सहित 5 घायल

मणिपुर में फिर हिंसा भड़कने का मामला सामने आया है। ताजा गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई और बीजेपी नेता सहित पांच लोग घायल हो गए। पुलिस को आशंका है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।

मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, गोलीबारी में दो लोगों की मौत, बीजेपी नेता सहित 5 घायल
Gaurav Kalaलाइव हिन्दुस्तान,इंफालTue, 30 Jan 2024 09:50 PM
ऐप पर पढ़ें

पूर्वी राज्य मणिपुर में एक बार फिर हिंसा भड़कने का मामला सामने आया है। यहां मंगलवार को ताजा हिंसा में दो समूहों के बीच गोलीबारी हो गई। आगजनी और गोलीकांड में दो लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा हिंसा में भाजपा युवा नेता समेत पांच लोग घायल हो गए हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मरने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है। पिछले साल 3 मई से राज्य में हिंसा भड़की हुई है।

मणिपुर में हिंसा का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। दो गुटों के बीच ताजा गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई और राज्य के एक शीर्ष भाजपा युवा नेता सहित कम से कम पांच लोग घायल हो गए।  

पुलिस सूत्रों ने कहा कि इंफाल पश्चिम जिले के कौट्रुक गांव में गोलीबारी हुई और मरने वालों की संख्या बढ़ने की संभावना है। कम से कम एक व्यक्ति लापता भी बताया जा रहा है।  इस हिंसा में भाजपा की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष मनोहरमयुम बारिश शर्मा गोलीबारी में घायल हो गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। 

ताजा हिंसा कहां हुई
सूत्रों ने कहा है कि इंफाल पश्चिम और कांगपोकपी जिलों की सीमा पर दो समुदाय के ग्रामीणों के बीच गोलीबारी हुई। ताजा हिंसा के बाद इम्फाल घाटी के कडांगबंद, कौट्रुक और कांगचुप गांवों से लोगों के अपनी जान बचाकर भागने की भी खबरें हैं। मंगलवार की घटना इंफाल और कांगपोकपी जिले के बीच एक क्षेत्र में दो सशस्त्र गुटों  के बीच गोलीबारी में एक ग्रामीण की मौत के ठीक दो दिन बाद हुई है।

गौरतलब है कि मणिपुर में पिछले साल 3 मई को शुरू हुई हिंसा में 180 से अधिक लोगों की जान चली गई है और 3000 से अधिक घायल हो गए हैं। इस हिंसा में हजारों लोग विस्थापित भी हुए हैं। राज्य में केंद्रीय सुरक्षा बलों के कम से कम 60,000 कर्मियों की तैनाती के बावजूद आठ महीने से अधिक समय से हिंसा जारी है।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें