फर्जी दस्तावेजों से कार बेचकर साढ़े 14 लाख रुपये ठगे
गाजियाबाद में एक व्यक्ति ने फेसबुक मार्केटप्लेस पर फॉर्च्यूनर कार बेचने का विज्ञापन देकर 14.60 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए सौदा किया और बाद में उसे कार से वंचित कर दिया। नंदग्राम पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।

गाजियाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। फेसबुक मार्केटप्लेस पर फॉर्च्यूनर कार बेचने का विज्ञापन देकर मणिपुर के व्यक्ति से 14.60 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित के मुताबिक फर्जी दस्तावेजों और पहचान पत्र के सहारे कार का सौदा किया गया। कार लेकर मनाली से लौटते समय पंजाब में कुछ लोगों ने रास्ते में रूकवाकर गाड़ी कब्जे में ले ली। नंदग्राम पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इंफाल, मणिपुर के खोलाखोंक मयांग निवासी मोहम्मद रफीक ने नंदग्राम थाने में शिकायत देकर बताया कि जून 2026 में उनके दोस्त खुलेइफम इम्तियाज ने फेसबुक मार्केटप्लेस पर हरियाणा नंबर की फॉर्च्यूनर कार बिक्री के लिए देखी थी।
संपर्क करने पर सामने वाले व्यक्ति ने अपना नाम अभिषेक और राजनगर एक्सटेंशन का कार डीलर बताया। वाहन की आरटीओ से जानकारी की पुष्टि कराने के बाद 27 जून को राजनगर एक्सटेंशन स्थित वीवीआईपी मॉल में 14.60 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। मोहम्मद रफीक के मुताबिक अभिषेक और उसके साथी सचिन पाल ने बैंक खाते और यूपीआई के माध्यम से 12.10 लाख रुपये ट्रांसफर कराए, जबकि 2.50 लाख रुपये नगद लिए। इसके बाद उन्होंने कार की चाबी, स्मार्ट कार्ड और बैंक एनओसी सौंप दी। आरोपियों ने मोबाइल फोन पर उनकी बात गाड़ी के कथित मालिक रामनिवास से भी कराई गई, जिसने आरटीओ एनओसी और अतिरिक्त चाबी बाद में भेजने का भरोसा दिया। भुगतान के बाद वह कार लेकर मनाली रवाना हो गए।पीड़ित का आरोप है कि 28 जून को पंजाब में जीरकपुर ओवरब्रिज के पास दो वाहनों में सवार करीब दस लोगों ने उनकी फॉर्च्यूनर रोक ली। इनमें शामिल यूसुफ अली ने दावा किया कि वह लकी लग्जरी कार का मालिक है और उसने फॉर्च्यूनर कार अप्रैल 2026 में किराए पर दी थी। उसने मुकदमे की प्रति और गाड़ी की पुरानी तस्वीरें दिखाकर अतिरिक्त चाबी से कार अपने कब्जे में ले ली। साथ ही वाहन से जुड़े दस्तावेज और सेल लेटर भी ले गए। मोहम्मद रफीक के मुताबिक बाद में पता चला कि सचिन पाल का असली नाम इकबाल है, जिसने फर्जी आधार कार्ड तैयार कर अपनी पहचान छिपाई थी। आरोप है कि इकबाल, आदेश उर्फ अभिषेक, यूसुफ, रामनिवास और उनके साथी मिलकर संगठित तरीके से लोगों को महंगी गाड़ियां बेचने के नाम पर ठगी करते हैं। कार्यवाहक एसीपी नंदग्राम प्रियाश्री पाल का कहना है कि शिकायत के आधार पर 11 जुलाई को अभिषेक उर्फ आदेश, सचिन पाल उर्फ इकबाल, रामनिवास और यूसुफ के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बैंक खातों, दस्तावेजों, वाहन के स्वामित्व और आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।


