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मणिपुर में फिर बेकाबू हालात, चुराचांदपुर में 'आपातकालीन बंद' की घोषणा; तीन लोगों की मौत

सुरक्षा बलों को नारानसेना मनिंग लेइकाई क्षेत्र में ले जाया जा रहा है। ये इलाके हिंसा के नए केंद्र बन हैं। सूत्रों ने बताया कि कल हुई गोलीबारी के बाद बम के छर्रों से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

मणिपुर में फिर बेकाबू हालात, चुराचांदपुर में 'आपातकालीन बंद' की घोषणा; तीन लोगों की मौत
Amit Kumarलाइव हिन्दुस्तान,इंफालThu, 31 Aug 2023 07:14 PM
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कुछ दिनों की शांति के बाद मणिपुर में एक बार फिर से हिंसा भड़क उठी है। कुकी-जो जनजातियों के एक संयुक्त निकाय इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) ने आज चुराचांदपुर जिले में 'आपातकालीन बंद' की घोषणा की। बंद की घोषणा मणिपुर के कई कुकी-जो-बहुल क्षेत्रों पर हमले के बाद की गई है। आईटीएलएफ ने कहा कि लोनफाई, खौसाबुंग, कांगवई और सुगनू जैसे इलाकों पर हमला हो रहा है। आईटीएलएफ ने तत्काल प्रभाव से आपातकालीन बंद का आह्वान किया है। चिकित्सा, पुलिस, पानी, बिजली और प्रेस जैसी आपातकालीन सेवाओं को छूट दी जाएगी।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, चुराचांदपुर जिले में ताजा हिंसा में तीन लोगों की मौत के कुछ घंटों बाद "आपातकालीन बंद" की घोषणा की। एक पखवाड़े तक शांति रहने के बाद बिष्णुपुर और चुराचांदपुर जिलों के सीमावर्ती इलाकों में पिछले तीन दिनों से भारी गोलीबारी जारी है। पिछले तीन दिनों में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है, और मैतेई समुदाय और कुकी-जो जनजाति दोनों के एक दर्जन से अधिक लोगों को गोली और छर्रे लगे हैं।

हिंसा प्रभावित मणिपुर में सुरक्षा बलों को नारानसेना मनिंग लेइकाई क्षेत्र में ले जाया जा रहा है। ये इलाके हिंसा के नए केंद्र बन हैं। सूत्रों ने बताया कि कल हुई गोलीबारी के बाद बम के छर्रों से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। कथित तौर पर एक व्यक्ति की उस समय मौत हो गई जब उसे मिजोरम के रास्ते गुवाहाटी ले जाया जा रहा था। चुराचांदपुर जिले के एक अस्पताल में इलाज के दौरान एक और व्यक्ति की मौत हो गई। खुसाबुंग इलाके में आज सुबह एक व्यक्ति की मौत हो गई। खोइरेंटक, चिंगफेई और खौसाबुंग तलहटी इलाकों में आज सुबह फिर से भारी गोलीबारी शुरू हो गई।

ताजा गोलीबारी ऐसे समय में हुई है जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 27 प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) की जांच अपने हाथ में ले ली है। ये FIR मणिपुर में जातीय झड़पों के संबंध में राज्य पुलिस द्वारा दर्ज की गई थीं। इस हिंसा के दौरान कथित तौर पर 160 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। सीबीआई को सौंपे गए मामलों में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 19 मामले शामिल हैं।

मणिपुर पुलिस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि सुरक्षा बलों द्वारा कांगपोकपी, थौबल, चुराचांदपुर और वेस्ट-इंफाल के सीमांत और संवेदनशील इलाकों में तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान पांच हथियार, 31 गोला-बारूद, 19 विस्फोटक, आईईडी सामग्री के तीन पैक बरामद किए गये। पुलिस ने विभिन्न जिलों में 130 नाके भी लगाए हैं और नियमों का उल्लंघन करने पर 1,646 लोगों को हिरासत में लिया है।

मणिपुर में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पर्वतीय जिलों में तीन मई को ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद राज्य में भड़की जातीय हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य की आबादी में मेइती समुदाय की हिस्सेदारी करीब 53 प्रतिशत है और वे मुख्य रूप से इंफाल घाटी में रहते हैं। वहीं, नगा और कुकी जैसे आदिवासी समुदायों की आबादी 40 प्रतिशत है और उनमें से ज्यादातर पर्वतीय जिलों में रहते हैं।

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