अक्टूबर से ट्रेनों में फॉग डिवाइस लगना अनिवार्य, डिवाइस मेंटिनेन्स टेस्टिंग की गई शुरू
फॉग के मौसम में ट्रेनों का संचालन प्रभावित होता है, इसलिए रेलवे ने अक्टूबर से सभी ट्रेनों में फॉग डिवाइस लगाना अनिवार्य कर दिया है। यह डिवाइस लोको पायलट को घने कोहरे में सिग्नल की जानकारी प्रदान करती है। रेलवे ने फॉग डिवाइस की टेस्टिंग के आदेश दिए हैं, जिससे सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

फॉग के मौसम में ट्रेनों का संचालन अधिक प्रभावित होता है। लोको पायलट को सिग्नल क्लियर दिखने में दिक्कत आती है, ऐसे में फॉग डिवाइस मददगार बनती है। अक्टूबर से सभी ट्रेनों में फॉग डिवाइस लगाना अनिवार्य कर दी जाएगी। डिवाइस की सभी लोको लॉबियों में टेस्टिंग कराए जाने को आदेश दिये गये हैं। रेलवे के अनुसार, उत्तर रेलवे मुरादाबाद रेल मंडल के बरेली, मुरादाबाद, चंदौसी, हरदोई, रोजा आदि स्टेशनों पर लोको लॉबी हैं। जहां से लोको पायलट की डयूटियां ट्रेनों में लगती हैं। जब कोहरा को मौसम आता है तो ट्रेनों में फॉग डिवाइस अनिवार्य कर दी जाती है, जो घने कोहरे में भी सिग्नल की स्थिति से लोको पायलट को अवगत कराती है।
डिवाइस रेल इंजन के मॉनीटर पर लगती है। जो सिग्नल और क्रासिंग के बारे में लाइटिंग से जानकारी देती है। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह तक कोहरा फिर से छाने लगेगा।इसलिए रेलवे ने फॉग डिवाइस की टेस्टिंग कराने को निर्देश दिए हैं। जिससे अक्टूबर से हर हाल में डिवाइस का प्रयोग किया जाने लगेगा। जब लोको पायलट की डयूटी लगती है तभी उसके नाम से फॉग डिवाइस एलॉटमेंट करके सिस्टम पर अपलोड कर दी जाती है। जंक्शन पर करीब 278 फॉग डिवाइस हैं। जिनकी टेस्टिंग की जाएगी।


