हजारीबाग में एलपीजी और राशन कार्ड केवाईसी को लेकर बढ़ी चिंता
हिंदुस्तान पड़ताल हजारीबाग में एलपीजी और राशन कार्ड ई-केवाईसी को लेकर बढ़ी चिंता महज सात दिन शेष हजारीबाग हमारे प्रतिनिधि केंद्र और राज्य सरकार

केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों के तहत हजारीबाग जिले में घरेलू गैस उपभोक्ताओं और राशन कार्डधारियों के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। एलपीजी कनेक्शन के लिए अंतिम तिथि 15 अगस्त निर्धारित की गई है, जिसके चलते अब महज कुछ दिनों का ही समय शेष बचा है। समयानुसार प्रक्रिया पूरी न होने पर जिले के उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एलपीजी उपभोक्ताओं पर मंडराया संकट
ई-केवाईसी की स्थिति
जिले में बड़े पैमाने पर घरेलू गैस उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी अब तक पूरा नहीं हो सका है। यदि तय समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है, तो उपभोक्ताओं को घरेलू दरों पर एलपीजी सिलेंडर मिलना बंद हो जाएगा और उनकी मिलने वाली सरकारी सब्सिडी भी रोक दी जाएगी। कड़े नियमों के तहत कंपनियों द्वारा कनेक्शन रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
राशन कार्डधारियों की स्थिति
राशन कार्डधारियों की स्थिति और प्रखंडवार आंकड़े सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी और फर्जीवाड़ा मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने राशन कार्डधारियों के लिए भी ई-केवाईसी अनिवार्य की है। जिले के कुल 14,53,914 लाभार्थियों में से अब तक 12,16,882 लोगों (83.70 प्रतिशत) ने यह प्रक्रिया पूरी कर ली है। वहीं, 2,37,032 लाभार्थी यानी 16.30 प्रतिशत लोग अब भी इससे वंचित हैं। जिले में कुल 3,16,054 राशन कार्डधारक विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, चौपारण प्रखंड में सबसे अधिक 25,350 लाभार्थियों की ई-केवाईसी बाकी है। इसके अलावा विष्णुगढ़ में 24,969, बरकट्ठा में 22,228, इचाक में 21,498, बरही में 17,379, कटकमसांडी में 17,174, हजारीबाग सदर में 16,677 और बड़कागांव में 14,969 मामले लंबित हैं। वहीं, चुरचू में 5,376 और दारू में 6,571 लंबित मामलों के साथ सबसे कम संख्या दर्ज की गई है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी मुरली यादव ने बताया कि इसका उद्देश्य फर्जी और डुप्लीकेट राशन कार्डों को निरस्त कर वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाना है।
तकनीकी बाधाओ से लटका है कार्य
जिला में गैस एजेंसियों और उपभोक्ताओं के बीच समन्वय की कमी तथा तकनीकी दिक्कतों के कारण रफ्तार धीमी है। मुख्य परेशानियों में आधार कार्ड से मोबाइल नंबर लिंक न होना, बायोमेट्रिक मिसमैच, नाम में स्पेलिंग की त्रुटि, डेटा और मोबाइल नंबर की गलत मैपिंग तथा सर्वर की धीमी गति शामिल हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि सर्वर डाउन होने और आधार में नंबर अपडेट कराने के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है, जिससे मजदूरी और नौकरी पर असर पड़ रहा है। पुराने फोन नंबर बंद होने और डिजिटल प्रक्रिया के कारण बुजुर्गों व नौकरीपेशा लोगों को खासी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। लोगों की मांग है कि स्थानीय स्तर पर विशेष कैंप लगाए जाएं।
डीलर और प्रशासन की अपील
गैस एजेंसियों के संचालकों का कहना है कि वे लगातार मैसेज और नोटिस के जरिए जागरूक कर रहे हैं। अंतिम दिनों में भीड़ बढ़ने से काम प्रभावित हो सकता है। जिला प्रशासन ने सभी से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना तुरंत अपनी एजेंसी या नजदीकी पीडीएस केंद्र पर जाकर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि भविष्य में किसी भी असुविधा से बचा जा सके।
कोट
मोबाइल पर आने वाला ओटीपी समय पर न मिलने से लोगो को बार-बार चक्कर काटने पड़ते हैं। दौड़ धूप के बावजुद कई लोगों का ई के वाईसी नहीं बन पा रहा है।
रामकुमार मेहता
किसान नेता
कटकमसांडी
ई-केवाईसी से बैंक खातों में फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के मामलों में भारी कमी आई है।अब ग्राहकों का डाटा डिजिटल रूप से सुरक्षित रहता है और कागजी कार्रवाई का बोझ कम हो गया है।
विनय दुबे
समाजसेवी कटकमदाग
कई बार सर्वर डाउन रहने के कारण ग्राहकों को लंबी लाइनों में इंतजार करना पड़ता है।अपने बिजनेस अकाउंट और सरकारी योजनाओं का लाभ चालू रखने के लिए ई-केवाईसी बेहद जरूरी हो गई है।
जीतन राम
जिला परिषद सदस्य
कटकमदाग
दैनिक कामकाज छड़कर ई केवाईसी के लिए जाने में लोगों का समय बर्बाद होता है, जिससे दैनिक कामकाज प्रभावित होता है।यदि यह प्रक्रिया मोबाइल ऐप के जरिए और अधिक सरल हो जाए, तो आम आदमियों को बहुत राहत मिलेगी।
सरिता देवी
पैक्स अध्यक्ष
कटकमसाडी
फोटो कैप्शन
एएम 1 ई केवाईसी के लिए लगी भीड़
एएम 2 रामकुमार मेहता किसान नेता
एएम 3 विनय दुबे समाजसेवी
एएम 4 जीतन राम जिला परिषद सदस्य
एएम 5 सरिता देवी पैक्स अध्यक्ष


