ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News देशPM मोदी की जाति को मंडल कमीशन और बख्शी समिति ने नहीं दिया था OBC दर्जा, गहलोत का नया दावा

PM मोदी की जाति को मंडल कमीशन और बख्शी समिति ने नहीं दिया था OBC दर्जा, गहलोत का नया दावा

PM Modi Caste Row: जनवरी 1978 में तत्कालीन मोरारजी देसाई की केंद्र सरकार ने बीपी मंडल की अध्यक्षता में दूसरा पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया था। मंडल आयोग ने दिसंबर 1980 में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।

PM मोदी की जाति को मंडल कमीशन और बख्शी समिति ने नहीं दिया था OBC दर्जा, गहलोत का नया दावा
Pramod Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSat, 10 Feb 2024 09:32 AM
ऐप पर पढ़ें

PM Modi Caste Row: कांग्रेस नेता राहुल गांधी का समर्थन करते हुए राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओबीसी नहीं हैं क्योंकि उनका जन्म सामान्य वर्ग में हुआ है। गहलोत ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मंडल आयोग और बख्शी समिति की सिफारिशों के अनुसार उनकी जाति को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सूची में शामिल नहीं किया गया था।

उन्होंने लिखा, "राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ओबीसी में शामिल होने के मुद्दे पर सच कहा है क्योंकि मंडल कमीशन एवं गुजरात में पिछड़ा वर्ग के लिए 1978 में बनाई बख्शी समिति की सिफारिशों में मोदी/घांची जाति को ओबीसी में शामिल नहीं किया गया था। पूरे देश में मोदी जाति बिजनेस कम्युनिटी रही है तथा जैन, महेश्वरी, अग्रवाल इत्यादि समाज के लोग मोदी सरनेम का उपयोग करते हैं।"

 गहलोत ने आगे लिखा, "अगर नरेन्द्र मोदी जी खुद को ओबीसी मानते हैं एवं ओबीसी वर्ग के हितों के पक्षकार हैं तो कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की मांग के अनुरूप केन्द्र सरकार को अविलंब जातिगत जनगणना करवाए जाने की घोषणा करनी चाहिए। जैसा हमारे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जातिगत जनगणना से एक तरफ तो केन्द्र व राज्य सरकारों को पिछड़ों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने में आसानी होगी एवं दूसरी तरफ किसी को भी यह भ्रम भी नहीं होना चाहिए कि जातिगत जनगणना से जनरल कैटिगिरी की प्रगति में कोई रुकावटें पैदा होंगी।"

गहलोत ने लिखा है कि हमारे नेता राहुल गांधी का मानना है कि सभी वर्गों को विकास के लिए समान अवसर मिले एवं न्याय सुनिश्चित हो और यही भारत जोड़ो न्याय यात्रा का उद्देश्य है।

बता दें कि जनवरी 1978 में तत्कालीन मोरारजी देसाई की केंद्र सरकार ने बीपी मंडल की अध्यक्षता में दूसरा पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया था। मंडल आयोग ने दिसंबर 1980 में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।  तब मंडल आयोग ने देशभर में दौरे कर 3,743 जातियों की पहचान अन्य पिछड़ा वर्ग के रूप में की थी, जो देश की 52 फीसदी आबादी का प्रतिनिधित्व करते थे। यह आबादी केवल 12.5 प्रतिशत सिविल सेवा पदों पर काबिज थी। इसे देखते हुए उन्होंने ओबीसी वर्ग के लिए तब नौकरियों में 27 प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश की थी।

इससे पहले, गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओबीसी नहीं हैं क्योंकि उनका जन्म सामान्य वर्ग में हुआ है।'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' पर ओडिशा पहुंचे राहुल गांधी ने एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए कहा था, "जब भी भाजपा कार्यकर्ता आपके पास आएं, तो उन्हें बताएं कि हमारे प्रधानमंत्री ने देश से झूठ बोला कि वह पिछड़े वर्ग से हैं। उनका जन्म पिछड़े वर्ग में नहीं हुआ था, वह सामान्य जाति से हैं। ये बात हर बीजेपी कार्यकर्ता से जरूर कहें।"

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ओबीसी कहने से इनकार करने पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के अमित मालवीय ने उन पर 'सरासर झूठ' फैलाने का आरोप लगाया है। मालवीय ने 27 अक्टूबर, 1999 को गुजरात की ओबीसी जातियों को सूचीबद्ध करने वाला एक आधिकारिक दस्तावेज साझा किया, जिसमें दावा किया गया है कि नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने से दो साल पहले ही मोदी की जाति को आधिकारिक तौर पर ओबीसी के रूप में मान्यता दे दी गई थी। मालवीय ने यह भी दावा किया कि नेहरू-गांधी परिवार, जवाहर लाल नेहरू से लेकर राहुल गांधी तक लगातार ओबीसी के विरोधी रहे हैं।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें