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Hindi News देश'ये तीन कानून अभी मत करिए लागू', पीएम मोदी को पत्र लिख ममता बनर्जी ने रखी क्या मांग

'ये तीन कानून अभी मत करिए लागू', पीएम मोदी को पत्र लिख ममता बनर्जी ने रखी क्या मांग

ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में तीनों कानूनों को लेकर गंभीर चिंता जताई। ये तीन नए कानून हैं,- भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023।

'ये तीन कानून अभी मत करिए लागू', पीएम मोदी को पत्र लिख ममता बनर्जी ने रखी क्या मांग
Niteesh Kumarएजेंसी,कोलकाताFri, 21 Jun 2024 02:09 PM
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने तीन आपराधिक कानूनों को हड़बडी में पारित बताया और कहा कि इनके कार्यान्वयन को टाल दिया जाए। मालूम हो कि ये तीनों कानून एक जुलाई से लागू होने हैं। ममता ने कहा कि ऐसा करने से आपराधिक कानूनों की नए सिरे से संसदीय समीक्षा संभव होगी। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में तीनों कानूनों को लेकर गंभीर चिंता जताई। ये तीन नए कानून हैं,- भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023। 

सीएम ममता ने कहा कि ये तीनों विधेयक लोकसभा में ऐसे समय में पारित हुए, जब 146 सांसद सदन से निलंबित थे। उन्होंने कहा, 'आपकी पिछली सरकार ने इन तीन महत्वपूर्ण विधेयकों को एकतरफा और बिना किसी बहस के पारित कर दिया था। उस दिन लोकसभा के लगभग 100 सदस्यों को निलंबित कर दिया गया था और दोनों सदनों के कुल 146 सांसदों को संसद से बाहर निकाल दिया गया था।' उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के उस काले दौर में विधेयकों को तानाशाहीपूर्ण तरीके से पारित किया गया। मामले की अब समीक्षा होनी चाहिए। मैं अब आपके कार्यालय से आग्रह करती हूं कि कम से कम कार्यान्वयन की तारीख को आगे बढ़ाने पर विचार करें। इसके 2 कारण हैं- नैतिक और व्यावहारिक।

'बदलावों पर नए सिरे से विचार-विमर्श की जरूरत'
ममता बनर्जी ने कहा कि इन महत्वपूर्ण विधायी बदलावों पर नए सिरे से विचार-विमर्श होना चाहिए और जांच के लिए नव निर्वाचित संसद के समक्ष रखा जाना चाहिए। टीएमसी सुप्रीमो ने कहा, 'जल्दबाजी में पारित किए गए नए कानूनों को लेकर सार्वजनिक रूप से व्यक्त की गई व्यापक आपत्तियों के मद्देनजर नए सिरे से संसदीय समीक्षा लोकतांत्रिक सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करेगी। यह तरीका नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को प्रस्तावित कानून की गहन जांच करने का अवसर प्रदान करेगा।'

कब से लागू होंगे तीन नए आपराधिक कानून 
टीएमसी चीफ ने कहा, 'किसी भी दूरगामी कानूनी बदलाव को सही तरीके से लागू करने के लिए पहले ही सावधानीपूर्वक जमीनी कार्य की आवश्यकता होती है। हमारे पास इस तरह के अभ्यास से बचने का कोई कारण नहीं है।' बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा, 'मैं आपसे विनम्रतापूर्वक अनुरोध करती हूं कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनए) 2023, भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) 2023 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 के कार्यान्वयन को टालने की हमारी अपील पर विचार करें।' केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि तीन नए आपराधिक कानून एक जुलाई से लागू होंगे।

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