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ममता बनर्जी ने मानी डॉक्टरों की मांगें; काम पर लौटने की अपील करते हुए कहा, मरीजों की हालत खराब है

west bengal cm mamata banerjee  ani twitter 15 june  2019

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के पांच दिन बाद भी आवश्यक सेवा संरक्षण कानून (एस्मा) लागू नहीं किया और उन्होंने डॉक्टरों से फौरन ड्यूटी पर लौटने की अपील की। उन्होंने शाम पांच बजे एक बैठक में प्रदर्शनरत डॉक्टरों के ना आने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''हमारे पास कानून है लेकिन हम उनका इस्तेमाल नहीं करना चाहते। हम किसी भी प्रदर्शनरत जूनियर डॉक्टर के खिलाफ और उनका करियर बाधित करने के लिए कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।" एस्मा के तहत रेलवे, हवाईअड्डा और बंदरगाह ऑपरेशन जैसी ''आवश्यक सेवाओं की लंबी सूची में शामिल कर्मचारियों का हड़ताल पर जाना निषेध है।

बनर्जी ने अन्य राज्यों में ऐसी स्थिति में डॉक्टरों के खिलाफ उठाए गए कदमों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की क्योंकि वह उनका करियर बाधित करना नहीं चाहती। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने डॉक्टरों की सभी मांगे मान ली तथा और मांगे मानने के लिए तैयार है लेकिन उन्हें काम पर लौटना चाहिए।

ममता बनर्जी को राज्यपाल की सलाह, डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाया जाए

उन्होंने कहा, ''शुक्रवार को मैंने पांच घंटे तक जूनियर डॉक्टरों के लिए इंतजार किया और आज मैंने उनके लिए अपने कार्यक्रम रद्द किए। आपको एक संवैधानिक संस्था का सम्मान करना चाहिए।" राज्य भर में बड़े पैमाने पर डॉक्टरों के इस्तीफे पर बनर्जी ने कहा कि यह कानूनी रूप से मान्य नहीं है।  उन्होंने कहा, ''अगर जूनियर डॉक्टर सोचते हैं कि मैं अक्षम हूं तो वे हमेशा राज्यपाल या मुख्य सचिव या पुलिस आयुक्त से बात कर सकते हैं।"

हड़ताल कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने अपनी सुरक्षा को लेकर आशंका जताते हुए राज्य सचिवालय में ममता बनर्जी के साथ शनिवार को बंद कमरे में बैठक का आमंत्रण ठुकरा दिया और कहा कि मुख्यमंत्री को गतिरोध दूर करने के उद्देश्य से खुले में चर्चा के लिए एनआरएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल आना चाहिए।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को हड़ताल पर गए डॉक्टरों से काम पर लौटने की अपील करते हुए कहा कि अस्पताल में मरीजों की हालत खराब है। ममता ने कहा कि आंदोलनकारी डॉक्टरों से उनकी बातचीत विफल हो गई है, लेकिन बातचीत के दरवाजे हमेशा खुले हैं। उन्होंने कहा, 'मैं डॉक्टरों से काम पर लौटने की अपील करती हूं। हजारों मरीज इलाज का इंतजार कर रहे हैं।"

ममता ने कहा, "हम उनकी सभी मांगें स्वीकार करते हैं। मैंने अपने मंत्रियों और मुख्य सचिव को डॉक्टरों से मिलने के लिए भेजा था। डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल से मिलने के लिए कल (शुक्रवार) और आज करीब 5 घंटे तक इंतजार किया, लेकिन वे नहीं आए। आपको संवैधानिक संस्थाओं को सम्मान देना होगा।"

इसके आगे उन्होंने कहा, "हमने एक भी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया। हम किसी को पुलिस थाने लेकर नहीं गए। स्वास्थ्य सेवाएं इस तरह से बाधित नहीं होनी चाहिए। मैं कोई सख्त कार्रवाई करने नहीं जा रही हूं। सद्बुद्धि आए।"

दिल्ली के कई अस्पतालों के डॉक्टरों ने बंगाल हिंसा को लेकर शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया
दिल्ली के कई सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों ने कोलकाता के अपने हड़ताली सहयोगियों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार द्वारा संचालित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और आरएमएल अस्पताल के डॉक्टरों के अलावा दिल्ली सरकार के जीटीबी अस्पताल, डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल, संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल और डीडीयू अस्पताल के डॉक्टरों ने काम का बहिष्कार किया और विरोध प्रदर्शन किया।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) और रेजिडेंट डॉक्टरों के विभिन्न संघों (आरडीए) के आह्वान पर शुक्रवार को दिल्ली के अधिकतर अस्पताल के डाक्टर पश्चिम बंगाल के हड़ताली डॉक्टरों के समर्थन में देशव्यापी आंदोलन में शामिल हुए थे। फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट्स डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) के अध्यक्ष सुमेध संदनशिव ने कहा कि कई अस्पताल शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सके क्योंकि उन्होंने प्रोटोकॉल के अनुसार सरकार को 24 घंटे की अग्रिम सूचना नहीं दी थी। इसलिए, वे शनिवार को बंद का आयोजन कर रहे हैं।

(इनपुट एजेंसी से भी)

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  • Web Title:Mamata Banerjee Appeal To Doctors Back To Your Work