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ताजमहल नहीं अब तमिलनाडु के महाबलिपुरम जा रहे हैं सबसे ज्यादा विदेशी पर्यटक, जानिए क्या है यहां खास

दरअसल ताजमहल की तरह महाबलीपुरम मंदिर भी एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। रिपोर्ट के अनुसार, 2021-22 में चेन्नई से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित मामल्लापुरम में 1,44,984 विदेशी पर्यटक आए थे।

ताजमहल नहीं अब तमिलनाडु के महाबलिपुरम जा रहे हैं सबसे ज्यादा विदेशी पर्यटक, जानिए क्या है यहां खास
Amit Kumarएजेंसियां,नई दिल्लीMon, 03 Oct 2022 06:04 PM

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ताजा सरकारी आंकड़ों की मानें तो ताजमहल अब विदेशी पर्यटकों को रिझाने में फिसलता जा रहा है। पर्यटन मंत्री द्वारा जारी भारतीय पर्यटन सांख्यिकी 2022 के अनुसार, तमिलनाडु का ऐतिसाहिक शहर मामल्लापुरम ने विदेशी पर्यटकों की संख्या में ताजमहल को पछाड़ दिया है। मामल्लापुरम को महाबलीपुरम के नाम से भी जाना जाता है। दरअसल ताजमहल की तरह महाबलीपुरम मंदिर भी एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। रिपोर्ट के अनुसार, 2021-22 में चेन्नई से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित मामल्लापुरम में 1,44,984 विदेशी पर्यटक आए थे। यह संख्या उन विदेशिय पर्यटकों की संख्या की 45.50 प्रतिशत थी, जिन्होंने टिकट के इस्तेमाल के साथ शीर्ष 10 सबसे लोकप्रिय और केंद्रीय रूप से संरक्षित स्मारकों का दौरा किया था। इस सूची में ताज महल 38 हजार लोगों के आगमन के साथ दूसरे नंबर पर रहा।

यूपी के आगरा स्थित ताजमहल देखने के लिए 2021 में 38,922 विदेशी पर्यटक आए। यह संख्या कुल आगंतुकों का 12.21 प्रतिशत है। यह तमिलनाडु के चेंगलपट्टू जिले का एक शहर है। महाबलीपुरम को 7वीं और 8वीं शताब्दी के हिंदू स्मारकों के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के लिए जाना जाता है। यह भारत के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 से जुड़े प्रतिबंधों के कारण भारत में 2021 में विदेशी पर्यटकों की आवक कम हो गई। 2020 में देश में 27.40 लाख विदेशी सैलानी आए थे जिनकी संख्या पिछले साल कम होकर 15.20 लाख रह गई। वर्ष 2020 की तुलना में 2021 में भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में 44.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।

वैसे आपको बता दें कि केंद्रीय सूची में शीर्ष 10 स्मारकों में से छह तमिलनाडु में हैं। इनमें चेंगलपट्टू जिले के तटीय गांव सालुवनकुप्पम में स्थित रॉक-कट मंदिर के साथ दो अन्य स्मारक हैं। इसके अलावा जिंजी जिले के पास जिंजी दुर्ग (गिंगी फोर्ट), कन्याकुमारी जिले के पास वट्टाकोट्टई किला, थिरुमयम किला, रॉक-कट जैन मंदिर और पुदुक्कोट्टई जिला में सिट्टानवासल शामिल है।

रिपोर्ट में दिये गये आंकड़ों के अनुसार 2021-22 में ताज महल का दीदार 32.90 लाख घरेलू पर्यटकों ने किया। लाल किला देखने 13.20 लाख और कुतुब मीनार के लिए 11.50 लाख विदेशी सैलानी पहुंचे। ताज महल देखने आने वाले घरेलू पर्यटकों की तादाद कुल पर्यटकों का 12.65 प्रतिशत रही। इस रिपोर्ट के मुताबिक 2021-22 में घरेलू पर्यटकों की कुल संख्या 2,60,46,891 थी जबकि 2020-21 में यह तादाद 1,31,53,076 रही थी। 2021-22 में घरेलू पर्यटकों की संख्या में बीते वर्ष की तुलना में 98 प्रतिशत का इजाफा हुआ था।

केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक 2021-22 में भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या 3,18,673 थी जबकि 2020-21 में 4,15,859 विदेशी पर्यटक भारत आए थे। भारत में ऐसे 3,693 धरोहर स्थल हैं जिनका संरक्षण एएसआई के हाथ में हैं। इनमें से कई यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल हैं। गौरतलब है कि 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण एएसआई संचालित पर्यटन स्थलों को चार महीने से अधिक समय के लिए बंद किया गया था।