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बेहतर फैसला लेना चाहिए था...गुलाम नबी आजाद के एग्जिट पर मल्लिकार्जुन खड़गे भी बरसे

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कांग्रेस पार्टी के अन्य नेताओं की तरह पार्टी का साथ छोड़ने पर गुलाम नबी आजाद को खरी-खरी सुनाई। दरअसल, लंबे असंतोष के बाद आजाद ने कांग्रेस को अलविदा कह दिया।

बेहतर फैसला लेना चाहिए था...गुलाम नबी आजाद के एग्जिट पर मल्लिकार्जुन खड़गे भी बरसे
Gaurav Kalaस्वाति भसीन, हिन्दुस्तान टाइम्स,नई दिल्लीFri, 26 Aug 2022 09:45 PM

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कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कांग्रेस पार्टी के अन्य नेताओं की तरह पार्टी का साथ छोड़ने पर गुलाम नबी आजाद को खरी-खरी सुनाई। दरअसल, लंबे असंतोष के बाद 73 वर्षीय आजाद ने 51 साल पहले जॉइन की कांग्रेस पार्टी को अलविदा कह दिया। खड़गे ने कहा कि आजाद का जाना निराशाजनक है। देश हित को ध्यान में रखते हुए एक बेहतर निर्णय लिया जाना चाहिए था क्योंकि, इस वक्त देश में फासीवादी ताकतें पैर पसार रही हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने शुक्रवार को गुलाम नबी आजाद को खूब खरी-खरी सुनाई। कारण था- कांग्रेस पार्टी छोड़ते हुए सोनिया गांधी को पांच पन्नों का लंबा पत्र भेजना। पत्र में राहुल गांधी पर निजी हमले करना और यह कहना कि सोनिया गांधी तो नाम की अध्यक्ष हैं। सारे फैसले राहुल गांधी और उनके गार्ड और पीए ले रहे हैं। कांग्रेस के नेताओं ने आजाद पर तीखे हमले किए। अशोक गहलोत ने कहा कि वो हमेशा से संजय गांधी के चापलूस बने रहे। जयराम रमेश ने उनके डीएनए पर सवाल खड़े किए। अब मल्लिकार्जुन खड़गे ने आजाद पर हमला बोला है।

2024 के लोकसभा इलेक्शन और कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा से पहले गुलाम नबी आजाद की एग्जिट पर खड़गे ने ट्वीट किया, “आजाद को देखकर निराश हूं। आजाद ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। इस मोड़ पर उनके जाने से केवल फासीवादी ताकतें ही मजबूत होंगी जो भारत के सामाजिक ताने-बाने और संविधान को नष्ट करने के लिए तैयार हैं। देश के हित को ध्यान में रखते हुए एक बेहतर निर्णय लिया जाना चाहिए था।"

खड़गे ने आगे कहा, “जब देश मुश्किल समय का सामना कर रहा है, कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने और किसी भी मतभेद के बावजूद पार्टी को मजबूत करने की जरूरत है। हमे अपने कार्यों से कांग्रेस के आंदोलन को कमजोर नहीं करना चाहिए जो हमेशा अशांत समय में देश के साथ खड़ा रहा है।”