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'अग्निवीर योजना से युवाओं के सपने चकनाचूर', राष्ट्रपति के पास पहुंचा मामला; कांग्रेस अध्यक्ष ने लिखा पत्र

खरगे ने कहा, '31 मई 2022 तक इन युवाओं विश्वास था कि उन्होंने अपने सपने पूरे कर लिए हैं। अब उन्हें केवल अपने नियुक्ति पत्र का इंतजार था। मगर, उस दिन भारत सरकार ने इस भर्ती प्रक्रिया को समाप्त कर दिया।'

'अग्निवीर योजना से युवाओं के सपने चकनाचूर', राष्ट्रपति के पास पहुंचा मामला; कांग्रेस अध्यक्ष ने लिखा पत्र
Niteesh Kumarअक्षिता कुमार, हिन्दुस्तान टाइम्स,नई दिल्लीMon, 26 Feb 2024 01:50 PM
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अग्निवीर योजना को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया कि उन करीब 2 लाख नौजवानों के साथ न्याय किया जाए, जिनका चयन सेना की नियमित सेवा में होने की बावजूद उनकी भर्ती नहीं की गई। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने इनकी भर्ती रोककर अग्निपथ योजना लाई है। इसके चलते इन युवाओं को पीड़ा झेलनी पड़ रही है। पत्र में खरगे ने लिखा, 'हाल ही में मैंने इन नौजवानों से मुलाकात की है। उन्होंने मुझे बताया कि 2019 और 2022 के बीच लगभग 2 लाख अभ्यर्थियों को सूचित किया गया कि उन्हें तीन सशस्त्र सेवाओं (सेना, नौसेना और वायु सेना) में चुना गया है। इन युवाओं ने कठिन मानसिक और शारीरिक परीक्षण व लिखित परीक्षा पास करने के लिए सभी बाधाओं के बावजूद संघर्ष किया था।'

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, '31 मई 2022 तक इन युवाओं विश्वास था कि उन्होंने अपने सपने पूरे कर लिए हैं। अब उन्हें केवल अपने नियुक्ति पत्र का इंतजार था। मगर, उस दिन भारत सरकार ने इस भर्ती प्रक्रिया को समाप्त कर दिया। इसके स्थान पर अग्निपथ योजना लागू करने का फैसला हुआ जिससे उनके सपने चकनाचूर हो गए। अग्निपथ योजना के साथ कई मुद्दे जुड़े हुए हैं। पूर्व सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे ने लिखा है कि अग्निपथ से सेना आश्चर्यचकित हो गई थी।'

'जवानों के बीच भेदभाव पैदा करने वाली योजना'
खरगे लिखते हैं कि यह योजना सैनिकों के समानांतर कैडर बनाकर हमारे जवानों के बीच भेदभाव पैदा करने वाली है। 4 साल की सेवा के बाद अधिकतर अग्निवीरों को नौकरी ढूंढने के लिए छोड़ दिया जाएगा। इसके बारे में कुछ लोगों का तर्क है कि इससे सामाजिक स्थिरता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा, 'इस सपने को पूरा करने में अभ्यर्थियों को कई साल लग गए। साथ ही 50 लाख आवेदकों में से प्रत्येक को 250 रुपये जमा करने पड़े, जो इन युवाओं से लिए गए 125 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि है।' खरगे ने दावा किया कि हताशा और निराशा के कारण कई ने खुदकुशी तक कर ली है। उन्होंने कहा कि हमारे युवाओं को इस तरह से पीड़ा झेलने नहीं दिया जा सकता। मैं आपसे यह सुनिश्चित करने की अपील करता हूं कि न्याय हो।

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