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Makar Sankranti 2019 : हर प्रांत ने खिचड़ी को दिया है अलग रंग, जानें कहां से कहां पहुंच गई खिचड़ी

खिचड़ी में मिला है हर प्रांत का स्वाद
खिचड़ी में मिला है हर प्रांत का स्वाद

किसी भी खाद्य पदार्थ में उस देश के इतिहास और संस्कृति की झलक पाई जाती है जहां से उसकी उत्पत्ति हुई होती है। खिचड़ी इसका एक सर्वोत्तम उदाहरण है। खिचड़ी बनाने में प्राय: चावल, दाल और मसालों का प्रयोग किया जाता है। यह खाद्य पदार्थ भारत के हर कोने में अलग-अलग रूप रंग में मिल जाएगा। गुजरात में खिचड़ी को मसालेदार कढ़ी के साथ खाने की परंपरा है। वहीं, तमिलनाडु में खिचड़ी में पर्याप्त घी डालकर खाया जाता है। हिमाचल प्रदेश में खिचड़ी एक अलग रूप में नज़र आती है। यहां की खिचड़ी में बीन्स और मटर डालकर बनाया जाता है। कर्नाटक में खिचड़ी का रूप काफी अलग होता है। यहां की खिचड़ी में इमली, गुड़, मौसमी सब्जियां, कढ़ी पत्ता, सूखे नारियल का बुरादा और सेमल की रुई का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, पश्चिम बंगाल में खिचड़ी को दुर्गा पूजा के अवसर पर पांडालों में प्रसाद के रूप में परोसा जाता है।

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कर्नाटक का खास है बीसी बेले भात
कर्नाटक का खास है बीसी बेले भात


जानें देश के तमाम राज्यों में कितना अलग है खिचड़ी का स्वाद :

बीसी बेले भात खिचड़ी: बीसीबेलेभात साउथ इंडिया की एक बहुत फेमस डिश है। खासकर कर्नाटक में ये खिचड़ी ज्यादा पसंद की जाती है। इसका स्वाद बेहद लज़ीज़ होता है जो हर किसी के मन को लुभाता है। चावल की ये रेसिपी इतनी ज्यादा प्रचलित है के पुरे कर्नाटक के ज्यादातर रेस्टोरेंट्स में आप इसे आमतौर से पाएंगे। मुख्य रूप से इस  उबले चावल, पकाई हुई अरहर की दाल, कुछ सब्जियों और खास मसालों से बनाया जाता है।

मध्यप्रदेश की खिचड़ी : गर्मियों में निमाड़ी इलाके में खिचड़ी लगभग हर शाम को बनती है। इसे तुअर दाल और चावल को खड़ी लाल मिर्च, साबूत छोटे प्याज, नमक, हींग के साथ पकाया जाता है। फिर पापड़ और आम के चटपटे अचार के साथ खूब सारा घी डालकर इसे खाया जाता है।

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भोगर खिचड़ी है पारम्परिक बंगाली डिश
भोगर खिचड़ी है पारम्परिक बंगाली डिश

'भोगर खिचड़ी' पारम्परिक बंगाली डिश है, जिसे मुख्यतौर पर प्रसाद के रूप में ही बनाया जाता है। बंगाली परम्परा के अनुसार भोगर खिचड़ी के बिना दुर्गा पूजा अधूरी ही मानी जाती है। यहां तक कि इसे खासतौर पर अष्टमी वालें दिन बनाकर, प्रसाद के तौर बांटा जाता है। पारम्परिक तौर पर यह खिचड़ी गोबिंदोभोग चावलों से बनाई जाती है, लेकिन आप चाहें तो इसे बासमती चावलों संग भी बना सकते है।

पोंगल, तमिलनाडु: तमिलनाडु में खिचड़ी को 'पोंगल' कहा जाता है। 'पोंगल' तमिल की एक बहुत फेमस डिश है। 'पोंगल' एक प्लेन खिचड़ी है जो की दो तरीके से बनाई जाती है। 'पोंगल' मीठी भी होती है और मसालेदार भी। मीठी 'पोंगल' का तमिल में बहुत महत्व होत है इसे अक्सर मंदिरों में प्रसाद के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है। वहीं मासलेदार 'पोंगल' को काली मिर्च, चावल और मूंगदाल से बनाया जाता है। तमिल में पोंगल यानी खिचड़ी को लोग अब सुबह नाश्ते में भी खाते हैं।

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कढ़ी के साथ खाई जाती है गुजराती खिचड़ी
कढ़ी के साथ खाई जाती है गुजराती खिचड़ी

गुजरात की खिचड़ी : गुजरात में खिचड़ी बहुत ही सादा तरीके से बनाई जाती है। वहां बनाई जाने वाली खिचड़ी में चावल, दाल और केवल नमक का इस्तेमाल होता है। गुजरात में बनाई जानी वाली खिचड़ी में आपको बहुत की मासले का प्रयोग मिलेगा। ज्यादा से ज्यादा आपको यहां की खिचड़ी में हल्दी और हींग का तड़का मिल जाएगा। यहां खिचड़ी ज्यादातर स्पेशल कढ़ी के साथ परोसी जाती है।

राजस्थान की खिचड़ी : राजस्थान में खिचड़ी को खूब पसंद किया जाता है। यहां खिचड़ी को बाजरा या चावल के बजाय पूरी तरह गेहूं के इस्तेमाल से बनाया जाता है। राजस्थान में खाई जानी वाली खिचड़ी गुजरात की खिचड़ी से थोड़ी स्पाइसी होती है। लेकिन महाराष्ट्र की खिचड़ी से कम होती है।

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महाराष्ट्र में खिचड़ी के हैं कई स्वाद
महाराष्ट्र में खिचड़ी के हैं कई स्वाद

महाराष्ट्र की खिचड़ी : महाराष्ट्र में खिचड़ी साबूदाने की बनाई जाती है। यहां लोग खिचड़ी स्पाइसी खाना पसंद करते हैं बजाए की सादा खिचड़ी। महाराष्ट्र में आपको खिचड़ी के कई फ्लेवर भी मिल जाएंगे। यहां तुअर दाल और चावल से भी खिचड़ी बनती है। इसमें काफी कम पानी डालते हैं, ताकि यह गाढ़ी रहे। चावल दाल को हल्दी और नमक के साथ पका लेते हैं। खिचड़ी में मूंगफली के तेल में राई, लहसुन, नमक और लाल मिर्च पावडर का तड़का बनाकर लगाया जाता है। कुछ लोग फोडनी वाली खिचड़ी भी खाते हैं जिसमें इसी खिचड़ी को राई और खड़ी लाल मिर्च का तड़का डाल के साथ खाया जाता है।

बाजरे की खिचड़ी : हरियाणा में बाजरे की खिचड़ी काफी लोकप्रिय है। यह खासतौर से सर्दियों में बनाई जाती है। अगर आप डाइट पर हैं, तो आपके लिए यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है, क्योंकि इसमें कैलोरी बहुत कम होती है। इससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ रहता है। बाजरे में कई सारे पोषक तत्‍व होते हैं। बाजरा की खिचड़ी लंच या डिनर में आपका कंप्‍लीट मील बन सकती है। घी डालकर, दही के साथ खाने से इसका स्‍वाद और भी बढ़ जाता है। 

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  • Web Title:Makar Sankranti 2019 Every state has its own flavor of khichdi